श्रवण मास के तीसरे सोमवार को शिव भक्तों ने लोधेश्वर में किया जलाभिषेक

रिपोर्ट/- रामकुमार मौर्य बाराबंकी संदेश महल समाचार

पवित्र पावन श्रवण मास के तीसरे सोमवार को महादेवा में जलाभिषेक करने के लिए रविवार से ही शिवभक्तों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। बरसात को देखते हुए महादेवा के विशाल ऑडिटोरियम में शिव भक्तों ने डेरा डाल दिया था।बुंदेलखंड की धरती से पधारे शिवभक्तों में नर नारी बाल वृद्ध सभी भोले के प्रेम से सराबोर दिखे भक्तों ने अपने अपने जत्थों के लिए भोजन प्रसाद की व्यवस्था स्वयं की पुरुषों ने जहां कुशल रसोइएं की भूमिका निभाई तो वही माताओं बहनों ने ढोलक की थाप पर शिवशंकर चले कैलाश बुंदिया पड़ने लगी आदि गीतों को गाकर भक्तों का प्रोत्साहन किया व माहौल को खुशनुमा बनाया।तृतीय सोमवार को महादेवा धाम में भक्तों की अपार आमद होने की संभावना को समझकर प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पर्याप्त उपाय किए गए हैं किंतु वर्षा के दौरान जब बिजली कट जाती है तो महादेवा क्षेत्र अंधेरे में डूब जाता है।ऐसे में सरोवर एवं बाणहन्या में स्नान कर रहे शिवभक्तों की मोबाइल की लाइट का ही सहारा बचता है।मुख्यमंत्री योगी जी द्वारा महादेवा को चौबीसों घण्टे निर्बाध्य विद्युत आपूर्ति करवाई जा रही है लेकिन मौसम के खराब होते ही पूरा क्षेत्र अंधेरे में समा जाता है इस व्यवस्था को दुरुस्त करने की खासी जरूरत है।महादेवा क्षेत्र की विद्युत लाइन को केबल लाइन करने से समस्या से निजात मिल सकती है मंदिर के सामने फैला तारो का जाल मंदिर की भव्यता और सुंदरता को कम करता है।रविवार रात मठ के चारो ओर जब भक्तों सैलाब उमड़ता है तो प्रशासन को भी अंधेरे में सुरक्षा व्यवस्था संभालने में दिक्कत होती है फिर भी मेले में तैनात पीएसी के प्रशिक्षित जवान अपनी भूमिका का सही निर्वहन कर रहे हैं।रायबरेली से आए पीएसी बल के जवान मृदुभासी दिखे किंतु मेले की व्यवस्था को अन्य पीएसी बलों ने भी ठीक ठीक संभाला।बीते सोमवार को महादेवा मठ में तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया था इस बार की संख्या और अधिक होगी।सोमवार की रात श्रृंगार पूजा के पहले मंदिर के भीतर इतनी भीड़ हो जाती है कि सफाई की व्यवस्था रुक जाती है भक्तों द्वारा चढ़ाया गया जल गर्भगृह में भर जाता है।इस आवश्यक सफाई के लिए श्रृंगार पूजा के आरंभ होने तक मंदिर के भीतर दोनो द्वारों पर चार जवानों की तैनाती नितांत आवश्यक है क्योंकि मंदिर के सेवादार इतने शिवभक्तों को सफाई हेतु रोकने में असमर्थ हो जाते हैं।