लोधेश्वर मेला में आला हुक्मरानों के निर्देशों की उड़ रही धज्जियां श्रद्वालु हुए परेशान

रिपोर्ट/- रामकुमार मौर्य बाराबंकी संदेश महल समाचार

लोधेश्वर महादेवा के चल रहे श्रावणी मेले में सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लग रहें हैं। श्रवण मास के तीसरे सोमवार को दो शिव भक्तों की मृत्यु सहित कई महिलाओं की चैन खींच ली गई साथ ही सुरक्षा व्यवस्था में लगी एक महिला पुलिस की पर्स को जेबकतरों ने पार कर दिया।
ऑडिटोरियम से लेकर विभिन्न स्थानों पर परिवार के साथ श्रद्धालुओं ने डेरा डाल रखा था। सोमवार के दिन भक्तों की काफी भीड़ होने के कारण रविवार को ही श्रद्धालु लोधेश्वर महादेवा दर्शन के लिए पहुंच गए थे।

संतोष कुमार की मौत

थाना रामनगर के लोनार निवासी संतोष कुमार 75 वर्ष पुत्र सियाराम मिश्रा ने अपने साथियों के साथ मेला क्षेत्र में रुके हुए थे। रात्रि लगभग 11:00 बजे वह शौच के लिए गए थे। वापस आते समय मस्जिद के पीछे ठोकर लगने के कारण गिरकर चोट खा गये थे। जिन्हें रामनगर सीएचसी लाया गया डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

निखिल चावला की मौत

लखनऊ निवासी व्यापारी निखिल चावला उम्र लगभग 42 वर्ष पुत्र अशोक चावला बिहार प्रदेश निवासी परिवार के साथ पूजा करने मंदिर गए थे।बाद अचानक तबीयत खराब होने पर परिजन स्थानीय अस्पताल ले गए। डॉक्टर ने बताया की दिल बैठने के कारण इसकी मौत हो गई है।

चैन स्नेचिंग

मंदिर भीतर दो महिलाओं की गले से चेन खींच ली गई जिसके चलते सुरक्षाकर्मियों ने पांच महिला चोरों को पकड़ा लेकिन उनके पास कुछ भी बरामद नहीं हुआ। पूर्व में लखनऊ निवासनी रूबी दुबे की व बभनान निवासी एक महिला की चेन छीन ली गई थी।

मित्र पुलिस

कभी कभी मित्र पुलिस कहते हुए झिझक सी होने लगती है। बताते चलें कि सफदरगंज थाना क्षेत्र की एक महिला की लोधेश्वर महादेव मंदिर में गले से चेन छीनी गई। मित्र पुलिस ने उसी महिला को पकड़ लिया। और चौकी प्रभारी के सुपुर्द किया। सच तो यह है कि लोधेश्वर महादेवा मेला परिसर में मेला के दौरान हुई चोरियों का पर्दाफाश मित्र पुलिस आज तक नहीं कर सकी है। मेला सुरक्षा को लेकर जिलाधिकारी ,पुलिस अधीक्षक ,उप जिलाधिकारी सहित कई अधिकारियों ने मेला क्षेत्र महादेवा में लोगों के साथ बैठक कर दिशा निर्देश दिया दिया था कि सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त होनी चाहिए जिससे कोई घटना घटित न होने पाए। प्रकाश और पेयजल की व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए।क्योंकि यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी ना उठानी पड़े लेकिन सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मी अपने दायित्वों को नहीं निभा पाए।

सजग सुरक्षा

विगत वर्ष भी यहां पर सावन के महीने में दो लोगों की मौत हो गई थी। किंतु लोधेश्वर महादेवा की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो सकी और इस वर्ष भी अव्यवस्थाओं के बीच मेला चल रहा है। अजीबोगरीब पहलू तो यह है कि घटना के बाद प्रशासन चौकन्ना हो जाता है और अपने को बचाने के चक्कर में अपने ही मातहतों को बलि का बकरा बना दिया जाता है। कुछ भी हो किन्तु घटना घटने के बाद जिले के आला अधिकारी,क्षेत्राधिकारी मेला पहुंच कर जायजा लिया।