नौ दिवसीय श्रीमद्भगवत कथा में गुरु महिमा का वर्णन किया

रिपोर्टर रिपोर्ट ठाकुर प्रसाद पिसावा सीतापुर संदेश महल समाचार

पिसावां सीतापुर क्षेत्र के पथरी गांव में स्थित जय गुरुदेव मन्दिर पर 9 दिवसीय श्रीमद्भगवत कथा का आयोजन किया जिसमे कथा वाचक डाली शास्त्री छोटी काशी गोला व कथा वाचक सुनील शास्त्री चंचल ने गुरु महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि वह कोई भक्त नहीं होगा। जिनको गुरु के बगैर भगवत प्राप्ति हुई हो। कथा के दौरान शास्त्री ने बताया कि मीराबाई की 11 वर्ष की अवस्था में ही राव दूदाजी उनको छोड़कर विदा हो जाते है। अब मीरा के जीवन में संघर्ष ने अपनी जगह ले ली, क्योंकि मीराबाई का ख्याल जितना राव दूदा रखते उतना कोई नहीं।मीरा बहुत रोई, मीरा के भक्ति पथ का एक पथिक कम पड़ गया था। क्योंकि सच्चा साथी हमारा वहीं है, जो भक्ति पथ पर सदैव हमारे साथ रहे। दादा के जाते ही संसार के लोगों ने मीरा के विवाह का प्रसंग शुरू कर दिया। जबकि मीरा गिरधर की मूर्ति को ही अपना सर्वस्व मान बैठी थी।फिर भी मीरा की ताई गिरजाबाई के कहने पर चित्तौड़ सिसोदिया वंश के कुंवर भोजराज के साथ में मीरा का संबंध कर देते है। शास्त्री ने सभी भक्तों से कथा में आने का आह्वान किया और बालकों को भी साथ लाने पर जोर दिया। कहा कि अगर आप छोटे बालकों को कथा सुनाओगे तभी बड़े होकर वे आपकी सेवा करेंगे।इस अवसर पर सैकड़ो की संख्या में भक्तजन मौजूद रहे।