यातनाओं को सहते हुए सेनानी गोविन्द प्रसाद ने लड़ी थी ब्रिटिश हुकूमत से जंग

रिपोर्ट/- ठाकुर प्रसाद सीतापुर संदेश महल

ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध बगावत की जब भी याद आती है,तब गोविंद प्रसाद मिश्र उर्फ छेद्धन महाराज के योगदान को सराहा जाता है। गोरों से देश की आजादी के लिए जंग लड़ी थी। देश को आजाद कराने मे जेल जाना पड़ा था।

देश में जब अंग्रेजों को भगाने के लिए चारों तरफ संघर्ष हो रहा था, उस दौरान मिश्रिख निवासी गोविन्द प्रसाद मिश्र उर्फ छेद्धन महराज ने बढ़-चढ़कर ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध संघर्ष का बिगुल फूंका था।

आज आजादी की 75 वीं वर्ष गांठ पर उप जिला अधिकारी गौरव रंजन श्रीवास्तव ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की पत्नी यशोमती को सम्मानित किया।
जनपद सीतापुर के तहसील मिश्रिख के मोहल्ला रन्नूपुर निवासी के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आवाहन पर आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई। जिसमें नमक आंदोलन असहयोग आंदोलन लगान बंदी आंदोलन के दौरान गोविंद प्रसाद को कभी जेल में रखा तो कभी नजर बंद किया।
उप जिला अधिकारी आलोक रंजन ने समाधि पर पुष्प अर्पित कर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की पत्नी यशोमती का स्वागत किया।इस दौरान तहसीलदार राजकुमार गुप्ता नायब तहसीलदार ओम प्रकाश मिश्रा हल्का लेखपाल आनंद सिंह ने भी स्वागत किया। मौके पर वेद प्रकाश मिश्रा, सूर्य प्रकाश मिश्रा, चंद्र प्रकाश मिश्रा, अभय मिश्रा, रूद्र मिश्रा, रिया मिश्रा, नीलम मिश्रा मौजूद रहे।