खनन के खुले खेल में मिट्टी माफिया उड़ा रहे मौज चार से आठ हजार में बेच रहे एक डंपर मिट्टी

रिपोर्ट/- जेपी रावत बाराबंकी संदेश महल समाचार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शपथ लेने के साथ ही भू और खनन माफिया पर नकेल कसने की प्राथमिकता को अपने एजेंडे में शामिल किया था। किंतु मुख्यमंत्री के ये दोनों मिशन थाना मोहम्मदपुर खाला व रामनगर में पूरी तरह से फेल होते नजर आ रहे हैं।भू की बात करें तो यह फिर भी काबू में है। लेकिन मिट्टी का अवैध खनन लगातार बढ़ता जा रहा है। नियमों के विपरीत सांठगांठ के खेल से खनन माफिया मिट्टी का खनन करते हैं। और इसमें थाना पुलिस की मिलीभगत जहां प्रमुख रूप से होती है तो अब प्रशासनिक सांठगांठ भी उजागर हो रही है। खनन माफिया निर्धारित मानक से अधिक का खनन करते हैं,ये किसी से छिपा नहीं है। इसके पीछे पूरी तरह खनन विभाग के साथ ही राजस्व विभाग की सांठगांठ होती है। क्योंकि खनन कार्य के बीच में और पूरा होने के बाद मौके की जांच करने का दायित्व इन दोनों विभागों का होता है। लेकिन कोई भी विभाग मौके पर जाकर जांच नहीं करता है। जिसके चलते खनन माफिया मनमाना खेल खेलते हैं।एक से डेढ़ मीटर के बजाय तीन से छह मीटर गहराई तक का खनन कर लेते हैं। लेकिन अब जो मामले सामने आए हैं वो बहुत ही चौंकाने वाले हैं। अभी हाल में ही बिबियापुर में जेसीबी से बातौर परमीशन मिट्टी ठेकेदार द्वारा खुलेआम टैक्टर,ट्राली डम्फर से मिट्टी ढोई गई।और इस मिट्टी के नाम पर मोटी रकम भी कमाई गई। लेकिन भूमि स्वामी आज सिर पकड़कर रो रहा है। इसकी हकीकत का खुलासा करेंगे, इससे पहले आज की हकीकत।
बताते चलें कि जनपद बाराबंकी के थाना मोहम्मद पुर खाला वा थाना रामनगर का सीमावर्ती गांव गगौरा व नंदऊपारा के बीच हो रहें मिट्टी खनन के ठेकेदार द्वारा रेलवे वर्क आर्डर पर मिट्टी खनन किया जा रहा है।यह तो सज है। लेकिन मिट्टी कहा जा रही है।यह नजारा आपके सामने है। न शासन का डर न पुलिस का खौफ खुलेआम आन रोड बिक्री की जा रही मिट्टी

इस जबरिया कारोबार के मुखिया के विरुद्ध खनन के जिम्मेदार अधिकारी कौन सी कार्रवाई करते हैं।यह तो भविष्य के गर्भ में है। लेकिन वास्तविकता आपके सामने है।

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