लोधौरा ग्राम प्रधान लेटर पैड पर सरकारी प्रतीक चिन्ह लगा कर कर रहे गुमराह

जयप्रकाश रावत
बाराबंकी संदेश महल समाचार

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने उप्र राज्य सप्रीतक नियमावली 2021 को मंजूरी दे दी है। इसके तहत संवैधानिक पदों व राज्य सरकार द्वारा अधिकृत व्यक्ति ही इसका प्रयोग कर सकेंगे। किंतु जनपद बाराबंकी विकास खण्ड सूरतगंज की ग्राम पंचायत लोधौरा के ग्राम प्रधान अजय कुमार तिवारी द्वारा सरकारी प्रतीक चिन्ह बने अपने लेटर पैड पर अपेक्षित सहायता के साथ अनुकूल कार्यवाही हेतु एक पत्र विधान परिषद सदस्य को लिखा है। जिसमे अंतेष्ठि स्थल की मांग की गई है। सबसे बड़ी बात यह है कि ग्राम प्रधान एक सरकारी लोगो लगे अपना लेटर पैड बना कर लोगो को गुमराह कर रहे है। और विकास खण्ड के अधिकारियों को इसका पता तक नहीं है। जबकि ग्राम प्रधान द्वारा कुछ इस तरह सरकारी लोगो का खुलेआम दुरपयोग किया जा रहा है। इन दिनों पंचायत राज विभाग का लोगो लगा कर विधान परिषद सदस्य को लिखा गया यह पत्र चर्चा का विषय बना हुआ है। जबकि इस प्रतीक चिन्ह को अपने अंदाज में बनाया गया है।

क्या बोले लौधौरा प्रधान

सरकारी लोगो के दुरूपयोग के संबंध मे ग्राम प्रधान लोधौरा अजय कुमार तिवारी से बात की गई तो उन्होंने गैरजिम्मेदाराना अंदाज में बताया कि हमने जहां से लेटर पैड बनवाया है उसी ने लगा दिया है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आपकी बातों में कितनी सच्चाई छुपी है।

एडीओ पंचायत सूरतगंज

ए डी ओ पंचायत सूरतगंज से बात की गई तो उन्होंने बताया कि हमे जानकारी नहीं है।प्रधान से पूछेंगे कि वह किसके आदेश से लेटर पैड पर लोगो लगाया है।प्रधान का लेटर पैड तो साधारण होता है। इतना कहकर पल्ला झाड़ लिया।

कौन कर सकता है प्रतीक चिन्ह का उपयोग

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने मंजूरी दी है कि उत्तर प्रदेश राज्य सप्रीतक नियमावली के तहत संवैधानिक पदों व राज्य सरकार द्वारा अधिकृत व्यक्ति ही इसका प्रयोग कर सकेंगे।

राज्य के प्रतीक का विवरण

उत्तर प्रदेश के राज्य चिन्ह में प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों के संगम को दर्शाती एक गोलाकार मुहर है,अवध के पूर्व मुस्लिम शासकों का प्रतिनिधित्व करने के लिए मत्स्य मछली की एक जोड़ी और हिंदू देवता राम का प्रतिनिधित्व करने के लिए एक धनुष और तीर है। राज्य के भीतर अवध में पैदा हुए। मुहर के आसपास की किंवदंती “उत्तर प्रदेश सरकार” के रूप में अनुवादित होती है।

सजा का प्रावधान

यूपी सरकार के प्रतीक चिन्ह (लोगो) का दुरुपयोग करने पर दो साल तक की सजा या पांच हजार रुपये तक जुर्माना देना पड़ सकता है। यह दोनों सजा अलग-अलग या फिर एक साथ भी दी जा सकती हैं।

राज्य पाल ने लिखा था मुख्यमंत्री को पत्र

पूर्व में राज्यपाल राम नाईक ने उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतीक चिन्ह के दुरुपयोग का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। उन्होंने पत्र में कहा था कि उनके पास कई ऐसे पत्र आते हैं, जिन पर राज्य चिह्न छपा होता है, जबकि वे इसके उपयोग के लिए अधिकृत नही हैं। यह अपराध है। सबसे अहम पहलू यह है कि अब आखिर ग्राम प्रधान लोधौरा के विरुद्ध कौन सी कार्रवाई होती है यह अभी भविष्य के गर्भ में है।