खनन के खुले खेल में बसौली गांव में बेखौफ ठेकेदार ढो रहें पीली मिट्टी

जेपी रावत
बाराबंकी संदेश महल समाचार

मिट्टी ठेकेदारों के नए नए पैंतरे आए दिन सामने आते रहते हैं। किंतु कुछ ऐसे पैंतरे भी होते हैं जो आम आवाम की समझ से परे होते हैं। यदि किसी ने जानकारी भी चाही तो कुछ भी बोलने से पहले एक ही ज़बाब निकलता है,यह काम नंबर वन का है। परमीशन से मिट्टी खुदाई कर रहे हैं।
किंतु वास्तविकता इससे कोसों दूर हैं। गौरतलब हो कि जनपद बाराबंकी के थाना मोहम्मद पुर खाला सीमावर्ती गांव बसौली के बीच हो रहें मिट्टी खनन के ठेकेदारों में बदनाम चेहरे पूरी सक्रियता से बेखौफ होकर मिट्टी ढुलाई का काम कर रहे हैं। इन्हें न तो पुलिस का खौफ है और न ही तहसील प्रशासन का। भोर होते ही इन ठेकेदारों की ट्रैक्टर ट्राली पीली मिट्टी की ढुलाई के लिए सज जाती है।
बसौली निवासी मिट्टी ठेकेदार गुड्डू उर्फ रामगुलाम द्वारा बैखौफ ढोई जा रही पीली मिट्टी से लदी ट्राली ड्राइवर से पीली मिट्टी से संबंधित एन ओ सी की जानकारी चाही गई तो कुछ भी नहीं दिखा सका। उल्टे रसूख का हाथ पांव मारना शुरू कर दिया। यहां पर पूरी तरह से मनमानी का खेल खेला जा रहा है। पीली मिट्टी खनन के ठेकेदारों के लिए वरदान साबित हो रही है। ऐसा लगता है कि का खेल खेला जा रहा है।इस संबंध में खनन अधिकारी से बात की गई तो उनका कहना है कि मामला राजस्व का है, उपजिलाधिकारी ही जांच कर कार्रवाई करेंगे।

एनओसी नहीं,जबरिया कारोबार

खनन के लिए सरकारी अनुमति लेने में पसीना छूट जाता है। किंतु स्थानीय प्रशासन की हीला हवाली के चलते यहां पर अंधेर नगरी चौपट राजा वाली कहावत चरितार्थ हो रही है।

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