आश्रम से लाखों की नकली करेंसी बरामद संचालिका फरार

सीतापुर से संदेश महल ब्यूरो रिपोर्ट सूर्यप्रकाश मिश्र के साथ

आश्रम संचालित करने वाली एक महिला के यहां से लाखों रुपए के फर्जी नोट मिले हैं। यह नोट बच्चों के मनोरंजन के लिए बनाए गए जाली नोट बताए जा रहे हैं। महिला के ही एक शिष्य ने इसका खुलासा कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके से पांच लाख से अधिक मनोरंजन बैंक लिखे फर्जी नोट बरामद कर लिए हैं। पुलिस का कहना है कि महिला के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। हालांकि महिला अपने आश्रम से भागने में सफल हो गई है। उसने यह नोट पूजा पाठ के लिए आए पुजारियों को देने के लिए एकत्र किए थे। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी है।
मामला रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र के ग्राम टेरवा मनिकापुर में कई वर्षो से गीता पाठक नामक महिला एक आश्रम चला रही है। सूत्र बताते हैं कि इस आश्रम में ग्रामवासियों व बाहरी व्यक्तियों के आने जाने पर प्रतिबंध था। आश्रम में संचालित गुप्त गतिविधियों की जानकारी किसी को भी नही हो पाती थी। 13 दिन पूर्व से आश्रम में नैमिषारण्य व अयोध्या सहित कई जिलों से करीब 61 ब्राह्मणों से जमीन में गड़े धन की प्राप्ति के लिए विभिन्न मंत्रों का जप कराया जा रहा था। गुरुवार भोर इस आयोजन की पूर्णाहुति प्रारम्भ हुई।पूर्णाहुति के पश्चात गीता पाठक द्वारा सारे ब्राह्मणों को निश्चित दक्षिण देने के लिए बहराइच के रुपईडीहा निवासी दिलीप कुमार को एक बड़ी पोटली में रुपये दिए गए और कहा कि पैसे ज्यादा है। इसलिए यह ब्राह्मण जब अपने घरों के पास गाड़ी से उतरेंगे वही इन्हें पैसे दे दीजिएगा। यहां पोटली खोलना नही ठीक है। इस पर दिलीप कुमार को शक हुआ। उन्होंने थोड़ा हटकर जब पोटली खोली तो उसमें सारे नोट फर्जी और बच्चो के खेल व मनोरंजन बैंक वाले थे। यह बात दिलीप ने सारे ब्राह्मणों को बताई। सारे ब्राह्मण गीता पाठक से सही रुपये देने की मांग करने लगे।इस पर गीता पाठक एक कुल्हाड़ी लेकर दिलीप को मारने दौड़ी और कहा कि तुम लोगों ने तंत्रमंत्र से असली नोटो को नकली बना दिया है। किंतु ब्राह्मण शुद्ध रुपये लेने के लिए अड़े रहे और क्षेत्रीय पुलिस को फोन किया। मामले को बढ़ता देख गीता पाठक मौके से फरार हो गई। मौके पर पंहुची पुलिस ने सभी ब्राह्मणों के पास से पांच लाख 53 हजार छह सौ रुपये के फर्जी और बच्चो के मनोरंजन वाले नोट बरामद कर लिए है। एसओ सुरेश कुमार मिश्र ने बताया कि सभी ब्राह्मणों के लिखित प्रार्थना पत्र के आधार पर गीता पाठक के विरुद्ध केस दर्ज किया जाएगा।लोगों के अनुसार गीता पाठक के बिहार सहित अन्य प्रदेशों व जिलो में कई शिष्य भी है, जो अक्सर लग्जरी गाड़ियों से आते रहते है। गीता पाठक अपने पति हुलासी पाठक से शादी के बाद से ही कोई संबंध नहीं रख रही है।

सूत्र बताते हैं कि गीता पाठक शुरू से जमीन में गड़े धन को निकालने के लिए पूजा पाठ करने के बहाने लाखो रुपये ऐंठने का काम करती रही है। करीब 4-5 वर्ष पूर्व क्षेत्र के भगौतीपुर में भी एक भवन पर अवैध कब्जा करने का केस अभी चल रहा है। इस भवन पर अवैध कब्जे के दौरान ही बिहार प्रान्त के एक शिष्य ने गीता पाठक पर जमीन में गड़े करोड़ो का धन को निकालने के एवज में 4 से 5 वर्षो में 20 लाख रुपये ऐंठने का आरोप लगाया था।गीता पाठक को लेकर जानकारी यह भी मिली है कि 26 अगस्त को करीब 18 ब्राह्मणों की विदाई में प्रत्येक ब्राह्मणों को विदाई की प्रतिदिन की दर दो हजार रुपये के हिसाब से कुल 28 हजार रुपये न देने पर काफी कहासुनी हुई। गीता पाठक ने धमकी देकर आश्रम से भगा दिया। इन ब्राह्मणों का कोई मध्यस्थ नही था। इसलिए वह डरकर बिना दक्षिण लिए ही चले गए। लेकिन आज 42 ब्राह्मणों का एक मध्यस्थ था जो बिना पैसा लिए जाने को राजी नही था। इन ब्राह्मणों से पूर्णाहुति भी करवानी थी। इसलिए इन्हें दक्षिणा देने में फर्जी व बच्चों के मनोरंजन वाले नोट एकत्र कर बांटे गए। सवाल यह है कि लाखों के नकली व बच्चो के मनोरंजन वाले बिल्कुल नए नोट लाने वाला कौन और कहां है।

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