रामनगर (संवाददाता) संदेश महल
क्षेत्र में वर्षों से बंद पड़ी रोडवेज बस सेवा को फिर से शुरू करने की मांग ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने परिवहन मंत्री से अपील की है कि रामनगर सहित आसपास के प्रमुख रूटों पर तत्काल बसों का संचालन बहाल किया जाए।
प्राइवेट वाहन चालक वसूल रहे मनमाना किराया
रामनगर चौराहे से सूधियामऊ, फतेहपुर, देवा, बाराबंकी होते हुए लखनऊ तक पहले नियमित रूप से सरकारी बसें चलती थीं। लेकिन बीते कुछ वर्षों से इन रूटों पर बसें बंद कर दी गई हैं। इससे यात्रियों को प्राइवेट वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता है, जो मनमाने ढंग से किराया वसूलते हैं और सुविधा भी बेहद सीमित होती है।
जनप्रतिनिधियों ने जताई नाराज़गी
ग्राम अमोलीकला के प्रधान रामकुमार मिश्र, गोदौरा निवासी गणेश, सूधियामऊ के तिलक जायसवाल, पप्पू, मुन्ना सहित कई लोगों ने बताया कि इस रूट पर बड़ी संख्या में यात्री रोजाना सफर करते हैं, लेकिन सरकारी बसों के अभाव में आमजन को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
महादेवा से लखनऊ और बाबा नारायण दास तपोस्थली तक भी मांग
इसी प्रकार रामनगर से लोधेश्वर महादेवा, सूरतगंज होते हुए लखनऊ तथा महादेवा टिहरी, मल्लापुर, कडाकापुर, भैरमपुर से होते हुए बाबा नारायण दास की तपोस्थली तक भी बसें चलाने की मांग उठाई गई है। श्रद्धालुओं और ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
अयोध्या धाम के लिए भी नहीं चल रही बस
रामनगर से सहादतगंज, सफदरगंज होते हुए अयोध्या धाम तक भी हाईवे मार्ग से बस सेवा शुरू करने की मांग कई बार की जा चुकी है। विभाग को ज्ञापन भी दिए गए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
आवश्यकता नहीं, यह जनता का अधिकार है: ग्रामीण
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह केवल मांग नहीं, बल्कि जनता का अधिकार है। यदि विभाग ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि मंत्री व अधिकारी इस बार जनता की बात को गंभीरता से लेंगे।