मेरे लफ़्ज़ों से न कर मेरे क़िरदार का फ़ैसला……..……?

जयप्रकाश रावत/ठाकुर प्रसाद
पिसावा सीतापुर संदेश महल समाचार

मेरे लफ़्ज़ों से न कर मेरे क़िरदार का फ़ैसला
तेरा वज़ूद मिट जायेगा मेरी हकीक़त ढूंढ़ते ढूंढ़ते?

शायर की यह पंक्तियां गांवों में ऐसे सैकड़ों परिवार हैं जो टूटी-फूटी झोपड़ी में अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उस पर सटीक बैठ रही है।इसी कड़ी में एक ऐसे परिवार को जोड़ रहे हैं। जिस परिवार के मुखिया का नाम सुंदर मौर्य है। कहने को तो सुंदर है। किन्तु हकीकत गरीबी का सबक इन्हें कुछ इस तरह से समझाया कि है कि बुनियादी मानवीय जरूरतों को पूरा करना इनके वश से बाहर है।
गांवों में ऐसे सैकड़ों परिवार हैं जो टूटी-फूटी झोपड़ी में अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
लेकिन इनके लिए आवास देने के लिए अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं हैं। ऐसे प्रदेश सरकार के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश के जनपद सीतापुर के विकास खंण्ड ‌पिसावां क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत बरम्भोली गांव निवासी सुन्दर मौर्य के परिवार पर उस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा जब जहां एक कच्ची दीवार पर छप्पर रखकर परिवार जीवन यापन कर रहा था। किंतु उपर वाले को कुछ और ही मंजूर था कि बारिश के दौरान रात अचानक छप्पर और कच्ची दीवार भी भरभरा कर गिर गयी। और दिवार गिरने से परिवार उसी छप्पर में दब गया। और परिवार में कोहराम मच गया।चीख पुकार सुनकर पास पड़ोस के लोगों ने छप्पर के नीचे दबे परिवार को निकाला। लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ।आज यह परिवार पन्नी तान कर रह रहा है।

क्या बोले पंचायत के जिम्मेदार

इस संबंध में संदेश महल प्रतिनिधि ने ग्राम प्रधान से बात की तो बताया कि ग्राम पंचायत में बहुत ही गरीब ऐसे कई परिवार है। मेरे द्वारा जो सहायता होगी मैं करूंगा। बताया कि यह परिवार का नाम प्रधान मंत्री आवास योजना की सूची में था। लेकिन मनरेगा मैपिंग में आवास फंस जाने के कारण परिवार आवास से वंचित रह गया है।परिवार पन्नी तान कर रह रहा है।
आवास योजना का लाभ दिलाने की पूरी कोशिश की जाएगी।