पीएन सिंह
बाराबंकी संदेश महल
जनपद बाराबंकी के फतेहपुर वन रेंज अंतर्गत झंझरा चौराहे के समीप स्थित कंपोजिट शराब ठेका के पास एक हरे-भरे पीपल के वृक्ष को ठेकेदार द्वारा बिना किसी वैधानिक अनुमति के काटे जाने का मामला प्रकाश में आया है। घटना सामने आते ही क्षेत्र में आक्रोश और असंतोष का माहौल व्याप्त हो गया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पीपल का वृक्ष हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और पूजनीय माना जाता है। इसकी नियमित पूजा-अर्चना की जाती है और इसे देवतुल्य स्थान प्राप्त है। ऐसे में धार्मिक आस्था से जुड़े इस वृक्ष का अवैध रूप से कटान किया जाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि हिंदू समाज की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य भी है।ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा पेड़ काटने के बाद उसके ठूंठ पर पुवाल डालकर आग लगा दी गई, ताकि मौके पर मौजूद साक्ष्यों को नष्ट किया जा सके। साथ ही, हरे वृक्ष की लकड़ी को भी आनन-फानन में मौके से हटवा दिया गया, जिससे संदेह और गहराता जा रहा है।इस पूरे घटनाक्रम ने वन विभाग की निगरानी व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते विभागीय निगरानी होती तो इस अवैध कटान को रोका जा सकता था।मामले को लेकर जब वन क्षेत्राधिकारी प्रमोद कुमार सिंह से दूरभाष पर संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस घटना की पूर्व जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा आपके द्वारा सूचना प्राप्त हुई है। मौके पर स्टाफ भेजकर जांच कराई जाएगी और जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।वहीं वन दरोगा मुनेश्वर प्रसाद ने भी मामले को गंभीर बताते हुए नियमानुसार कठोर कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया है।
अब देखना यह होगा कि वन विभाग अवैध रूप से वृक्ष कटान करने वाले जिम्मेदार ठेकेदार के विरुद्ध कितनी तत्परता और सख्ती से कार्रवाई करता है, या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में ही सिमट कर रह जाएगा।
फिलहाल, क्षेत्रीय जनता की निगाहें वन विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।