चंडीगढ़/अमृतसर संदेश महल
पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देश पर चल रही ‘गैंगस्टरां ते वार’ मुहिम के तहत अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने सीमा पार हथियार और नशा तस्करी से जुड़े पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से छह आधुनिक पिस्तौल, 115 ग्राम हेरोइन और 11.90 लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद की है।
यह जानकारी पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने दी। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी सीमा पार तस्करी नेटवर्क से सक्रिय रूप से जुड़े थे और ड्रोन के माध्यम से हथियारों व नशीले पदार्थों की खेप मंगाते थे। पूरे नेटवर्क के आगे-पीछे के संबंधों को जोड़ने के लिए जांच जारी है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सिमरनजीत सिंह उर्फ मन्नू (24), गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी (20), सुखराज सिंह उर्फ जोगा (24), साजन सिंह उर्फ गुरसाजन सिंह उर्फ लड्डा—सभी निवासी गांव रोड़ा वाला कलां (अमृतसर) तथा गांव रणीके निवासी मोलकदीप सिंह (23) के रूप में हुई है।
बरामद हथियारों में ऑस्ट्रिया निर्मित दो 9 एमएम ग्लॉक पिस्तौल, तुर्की निर्मित एक जिगाना पिस्तौल, दो .32 बोर और एक .30 बोर पिस्तौल शामिल हैं। इसके अलावा 10 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही हुंडई क्रेटा कार को भी जब्त किया है।
पुलिस आयुक्त (सीपी) अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पुख्ता गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में पहले दो .32 बोर पिस्तौल बरामद की गईं। पूछताछ के दौरान हुई आगे की बरामदगी में चार अन्य पिस्तौल, हेरोइन और भारी मात्रा में ड्रग मनी मिली, जिससे संगठित अपराध में आरोपियों की संलिप्तता की पुष्टि हुई है।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सिमरनजीत उर्फ मन्नू, मोलकदीप सिंह और गुरप्रीत सिंह पहले भी एनडीपीएस एक्ट के मामलों में शामिल रह चुके हैं। सिमरनजीत उर्फ मन्नू के दुबई में ट्रक चालक के रूप में काम करने की जानकारी भी पुलिस को मिली है।
पुलिस टीमों द्वारा तस्करी नेटवर्क के वित्तीय लेनदेन और संभावित हवाला कनेक्शन की भी गहन जांच की जा रही है। इस मामले में थाना छावनी, अमृतसर में एफआईआर संख्या 21 दिनांक 03 फरवरी 2026 को आर्म्स एक्ट की धारा 25, 25(8) तथा एनडीपीएस एक्ट की धारा 21बी, 27ए और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है।