पंचायत सचिव ने हड़पी करोड़ों की धनराशि डीएम ने दर्ज कराई एफआईआर

-जिला अधिकारी का दोषियों के विरुद्ध कड़ा कदम

-26 ग्राम पंचायतों में 2 करोड़ 26 लाख 11 हजार 79 रूपये की धनराशि का दुरुपयोग

-प्रधानों के विरूद्ध 95(1)जी की कार्यवाही के निर्देश

-ग्राम विकास अधिकारी किया गया निलम्बित

रिपोर्ट
पंकज शाक्य
मैनपुरी संदेश महल समाचारग्राम पंचायत विकास अधिकारी रतन सिंह टी0ए0सी0 जांच में भ्रष्टाचार के दोषी पाये गये। टी0ए0सी0 जांच रिपोर्ट में रतन सिंह द्वारा 26 ग्राम पंचायतों में दो करोड़ छब्बीस लाख 11 हजार 79 रूपये की धनराशि दुरूपयोगित की गई। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी रतन सिंह को निलम्बित किया गया है।ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के विरुद्ध
एफआईआर दर्ज कराई गई है और दुरूपयोगित धनराशि की वसूली की कार्यवाही प्रारम्भ की गई है। जिलाधिकारी महेन्द्र बहादुर सिंह ने 26 ग्राम पंचायतों के प्रधानों के विरूद्ध 95(1)जी की कार्यवाही के निर्देश दिये हैं। ग्राम प्रधानों पर आरोपों की पुष्टि होने पर उनसे दुरूपयोगित धनराशि की वसूली की जायेगी और उनके विरूद्ध एफआईआर दर्ज की जायेगी। जिला पंचायत राज अधिकारी स्वामीदीन ने बताया कि विकास खण्ड बरनाहल में तैनात ग्राम पंचायत विकास अधिकारी रतन सिंह के विरूद्ध भ्रष्टाचार की शिकायत पर शासन द्वारा टी0ए0सी0 की जांच कराई गई।आगरा मण्डल के उपनिदेशक परवेज आलम द्वारा रतन सिंह की तैनाती वाली ग्राम पंचायतों में विकास कार्य के लिए भेजी गई धनराशि और कराये गये कार्यो की जांच की गई। जांच में दो करोड़ 26 लाख 11 हजार 79 रूपये की धनराशि का दुरूपयोग होना पाया गया। जांच रिपोर्ट में ग्राम पंचायत सोथरा में 443192 रूपये, ग्राम पंचायत इकहरा में 783614 रूपये, जगन्नाथपुर में 362820 रूपये, पैरार शाहपुर में 889692 रूपये, जैथपुर में 844258 रूपये, चन्दीकरा में 934856 रूपये, बमटापुर में 1450067 रूपये, अहमदपुर में 291900 रूपये, कुम्हेरी में 3787648 रूपये, कनिकपुर सादा में 563664 रूपये, बिरथुआ में 2800818 रूपये, दिहुली में 993640 रूपये, कसौली 580239 रूपये, मासरपुर में 658916 रूपये, भूरेपुर 237887 रूपये, गोटपुर 517302 रूपये, भगवतीपुर 5300 रूपये, नवाटेढ़ा 401029 रूपये, उरथान 1176782 रूपये, अढूपुर 644760 रूपये, श्रृंगा नसीरपुर 1113014 रूपये, मीठेपुर 324719 रूपये, हाजीपुर सेमरी 267519 रूपये, खेड़ा महान 1014494 रूपये, गढ़िया 778540 रूपये की धनराशि का दुरूपयोग ग्राम पंचायत विकास अधिकारी रतन सिंह ने किया। उपनिदेशक पंचायत आगरा मण्डल आगरा परवेज आलम की जांच रिपोर्ट पर जिलाधिकारी महेन्द्र बहादुर सिंह ने दोषी ग्राम पंचायत विकास अधिकारी रतन सिंह के विरूद्ध कार्यवाही के आदेश दिये हैं।शासन स्तर से टी0ए0सी0 जांच प्रारम्भ होने पर उपनिदेशक पंचायत आगरा मण्डल आगरा परवेज आलम ने उनकी तैनाती वाली ग्राम पंचायतों में उनके कार्यकाल के दौरान राज्य वित्त, केन्द्र वित्त आदि योजनाओं से प्राप्त धनराशि और कराये गये कार्यो की जांच की गयी।जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि ग्राम पंचायत अधिकारी रतन सिंह की विकास खण्ड बरनाहल में तैनाती के दौरान उन्हें 27 ग्राम पंचायतों के पंचायत सचिव की जिम्मेदारी तत्कालीन अधिकारियों द्वारा दी गई थी। रतन सिंह ने तैनाती वाली ग्राम पंचायतों में विकास कार्य के लिए भेजी जाने वाली धनराशि से शासन की मंशा के अनुरूप विकास कार्य न कराकर सरकारी धन का दुरूपयोग किया। उनके विरूद्ध की गई भ्रष्टाचार की शिकायतों पर जिला प्रशासन द्वारा जांच कराई गई।पंचायत सचिव रतन सिंह पर धनराशि दुरूपयोग की पुष्टि होने के उपरान्त उनकी तैनाती वाली 26 ग्राम पंचायतों के प्रधानों के विरूद्ध पंचायत राज अधिनियम की धारा 95(1)जी के अन्तर्गत नोटिस जारी किये गये हैं और प्रधानों के विरूद्ध धनराशि के दुरूपयोग के आरोपों की पुष्टि होने के उपरान्त दोषी प्रधानों से दुरूपयोगित धनराशि की वसूली की कार्यवाही और उनके विरूद्ध एफआईआर की कार्यवाही अमल में लाई जायेगी।
डीपीआरओ स्वामीदीन का कहना है कि आरोपी को बर्खास्त करने की कार्रवाई भी प्रस्तावित है। जो प्रधान इस मामले में सहआरोपी बने हैं उनसे 50 प्रतिशत गबन की धनराशि वसूली जाएगी। ऐसा न करने पर इन प्रधानों को बर्खास्त किया और एफआईआर भी कराई जाएगी। डीपीआरओ द्वारा इन प्रधानों को पंचायती राज अधिनियम की धारा 95जी(1) नोटिस जारी कर दिए गए हैं। कार्रवाई की भनक पाकर प्रधानों में हड़कंप मच गया है।