लखनऊ संदेश महल
उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने आज कृषि निदेशालय, लखनऊ में कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख एवं विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चार महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकें कीं। इन बैठकों में उत्तर प्रदेश बीज नीति-2025 की समीक्षा, निर्माणाधीन परियोजनाओं के प्रगति की समीक्षा, कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की वित्तीय प्रगति तथा विभागीय कार्यप्रणाली पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज सुलभ कराना, कृषि उत्पादकता बढ़ाना और प्रदेश को बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना है। इसके साथ ही कृषि मंत्री ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं और बजट के सदुपयोग को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक के दौरान कृषि मंत्री श्री शाही द्वारा कृषि भवन, लखनऊ में किसानों की प्रत्येक समस्या के प्रभावी समाधान और उन्हें विभागीय योजनाओं की जानकारी सुलभ कराने हेतु विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के कृषकों को एक ही प्लेटफार्म पर कृषि से जुड़ी तकनीकी और प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराना है। कृषि विभाग द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 0522-2317003 के माध्यम से किसान अब डिजिटल कृषि सर्वेक्षण, फार्मर रजिस्ट्री, सोलर पंप और कृषि यंत्रों पर मिलने वाले अनुदान से सम्बन्धित विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही इस हेल्पलाइन पर बीज, उर्वरक एवं कीटनाशकों की उपलब्धता और विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के विवरण भी उपलब्ध कराए गए हैं। इस हेल्पलाइन नंबर पर सोमवार से शुक्रवार तक प्रातः 10 बजे से शाम 6 बजे तक किसानों को सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मंत्री ने कहा कि यह डिजिटल व्यवस्था किसानों को बिचौलियों से बचाकर सीधे सरकारी लाभ और सटीक सूचनाएं प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगी। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने समीक्षा बैठक के दौरान निर्माणाधीन परियोजनाओं की कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सभी कार्यों की गुणवत्ता उच्च स्तर की होनी चाहिए और इन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने वित्तीय प्रगति की समीक्षा करते हुए उन मदों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की जिनमें लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक बजट कम खर्च किया गया है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवंटित बजट का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से उपयोग सुनिश्चित करें ताकि किसानों को योजनाओं का लाभ बिना किसी देरी के मिल सके।