लोधेश्वर महादेवा मंदिर में फाल्गुनी मेला चरम पर, दुकानदारों में निराशा

रामनगर,बाराबंकी संदेश महल
सुप्रसिद्ध लोधेश्वर महादेवा में चल रहा फाल्गुनी मेला इन दिनों अपने चरम पर है, लेकिन इस बार सहालग (विवाह सीजन) के चलते अपेक्षाकृत कम भीड़ होने से व्यापारियों में निराशा का माहौल है। दूर-दराज से आए दुकानदारों ने बिक्री कम होने और वसूली अधिक होने की शिकायत की है।
मेले में टिकुली, सिंदूर, लाई-दाना, चाट, होटल, गन्ने का रस, पानी-बताशा तथा अन्य खाद्य सामग्री बेचने वाले दुकानदारों का कहना है कि इस वर्ष उनकी बिक्री काफी कम रही। उनका आरोप है कि तहसील प्रशासन द्वारा वसूली तो पूरी की गई, लेकिन बिक्री में आई गिरावट को देखते हुए किसी प्रकार की राहत नहीं दी गई।
दुकानदारों ने बताया कि प्रशासन द्वारा सामग्री का रेट बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि वसूली में लगे कर्मचारियों के लिए कोई निर्धारित दर सार्वजनिक नहीं है। कई व्यापारियों का आरोप है कि लेखपाल द्वारा मनमाने ढंग से शुल्क वसूला गया। बहराइच, सीतापुर, गोंडा और कानपुर से आए व्यापारियों ने कहा कि चूरन के ठेले से लेकर चाट और चूड़ी के ठेलों तक से वसूली की गई, जिससे वे आर्थिक दबाव में हैं।
मेले की सुरक्षा व्यवस्था के तहत सीतापुर की सेकंड वाहिनी के जवान तैनात हैं। अभरण तालाब में नाव के माध्यम से लोगों की आवाजाही नियंत्रित की जा रही है। वहीं भीख मांगने वाले और चना बेचने वाले बच्चों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक हटाया जा रहा था।
शनिवार से पैदल कांवड़ यात्रा बंद हो गई है और अब वाहन से शिव भक्तों का आगमन जारी है। मेले क्षेत्र में जगह-जगह रामचरितमानस पाठ, भजन-कीर्तन और भंडारे आयोजित हो रहे हैं। पहाड़ी बाबा और नाथ कुटी पर भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। महंत बाबा रामनाथ एवं उनकी शिष्या माया सिंह सेंगर साधु-संतों की सेवा में जुटे हुए हैं। सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं का आगमन निरंतर जारी है।

श्री राम दरबार के निकट तीन दिवसीय भंडारा

फाल्गुनी मेले के अवसर पर मंदिर एवं श्री राम दरबार के पुजारी आदित्य तिवारी द्वारा श्री राम दरबार के समीप तीन दिवसीय भंडारे का आयोजन किया गया। दूरदराज से आए शिव भक्तों ने जलाभिषेक कर पूजन-अर्चन के उपरांत प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर पूड़ी-सब्जी एवं फलाहारी प्रसाद की व्यवस्था की गई। देश के विभिन्न हिस्सों से आए कांवड़ियों और संतों ने प्रसाद ग्रहण किया। सुबह से लेकर शाम तक निरंतर भंडारा चलता रहा और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही।