पीएन सिंह
बाराबंकी संदेश महल
गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर सोमवार को रामनगर विधानसभा क्षेत्र संख्या 267 में देशभक्ति, उत्साह और जनसमर्थन का अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला। समाजसेवी एवं भाजपा नेता गौरीकांत दीक्षित के नेतृत्व में निकली विशाल तिरंगा यात्रा ने पूरे क्षेत्र को राष्ट्रप्रेम के रंग में रंग दिया। यह यात्रा जहां राष्ट्रीय एकता और गौरव का संदेश दे रही थी, वहीं क्षेत्रीय राजनीति में बदलते समीकरणों का भी स्पष्ट संकेत देती नजर आई।
भव्य रूप से सजे रथ के साथ प्रारंभ हुई यह तिरंगा यात्रा सूरतगंज, कुरेलवा, मुकौली, भगहर झील, भट्ठा चौराहा, रानीगंज, अमराई गांव, सत्तीनपुरवा और महादेवा होते हुए रामनगर पहुंची। मार्ग में जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया।
यात्रा में हजारों की संख्या में बाइक एवं चारपहिया वाहनों ने सहभागिता की। हाथों में तिरंगा लिए युवा, महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे देशभक्ति गीतों की धुन पर झूमते हुए पूरे जोश के साथ नजर आए। यात्रा में भाजपा के रंग में सजा बुलडोजर भी आकर्षण का केंद्र रहा, जिसे देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।जय श्रीराम और “भारत माता की जय” के गगनभेदी नारों से पूरा इलाका राष्ट्रभक्ति के उद्घोष से गूंज उठा। उमड़े जनसैलाब ने यह साफ कर दिया कि समाजसेवी भाजपा नेता गौरीकांत दीक्षित की लोकप्रियता क्षेत्र में निरंतर बढ़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके सामाजिक सरोकार, जनसेवा के कार्य और सरल स्वभाव के कारण आमजन उनसे गहराई से जुड़ाव महसूस करता है। यही कारण रहा कि बड़ी संख्या में लोगों ने स्वेच्छा से तिरंगा यात्रा में शामिल होकर अपना समर्थन प्रकट किया।राजनीतिक जानकारों की मानें तो विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर गौरीकांत दीक्षित विधायक पद के संभावित उम्मीदवार के रूप में मजबूती से उभरते नजर आ रहे हैं। उनकी बढ़ती सक्रियता और जनसमर्थन यह संकेत दे रहा है कि आने वाले समय में रामनगर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में वे एक मजबूत और प्रभावशाली चेहरा साबित हो सकते हैं।
तिरंगा यात्रा के दौरान रामनगर कोतवाल अनिल कुमार पांडे एवं चौकी प्रभारी रामअवतार समेत भारी पुलिस बल मुस्तैदी के साथ तैनात रहा। सुरक्षा व्यवस्था और यातायात को सुचारू बनाए रखने में पुलिस कर्मी लगातार सक्रिय दिखाई दिए, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर निकली यह विशाल तिरंगा यात्रा न केवल राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बनी, बल्कि क्षेत्र में सामाजिक समरसता, जनउत्साह और राजनीतिक चेतना को भी नई दिशा देने वाली साबित हुई।