लखपति दीदी के लक्ष्यों की ओर अग्रसर उत्तर प्रदेश

लखनऊ संदेश महल समाचार
उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के कुशल मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों (SHG) के जरिये महिलाओं की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत करने के उद्देश्य से कई महत्वाकांक्षी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन्हीं योजनाओं में सबसे महत्वपूर्ण है लखपति महिला योजना, जिसके माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आमदनी कम से कम एक लाख रुपये वार्षिक तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।

राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक श्रीमती दीपा रंजन ने जानकारी दी कि उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य की निरंतर समीक्षा और मार्गदर्शन से मिशन ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। पिछले वर्ष प्रदेश की 75 लाख से अधिक महिलाओं का सर्वेक्षण कर उनकी आय के स्रोतों को “लखपति दीदी एप” पर दर्ज किया गया। इस कार्य में उत्तर प्रदेश पूरे देश में अग्रणी रहा है।

महिलाओं की आय वृद्धि के लिए मिशन द्वारा बैंक ऋण, प्रशिक्षण, कौशल विकास और आजीविका संबंधित गतिविधियों में मूल्य वृद्धि जैसी पहलें की गईं। कृषि और गैर-कृषि गतिविधियां, टेक-होम राशन प्लांट, बैंक सखी, विद्युत सखी, आजीविका सखी, बकरी व मुर्गी पालन, दुग्ध उत्पादक कंपनियां, हस्तशिल्प इकाइयां और अन्य विभागों के साथ अभिसरण के जरिए महिलाओं को आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

प्रदेश में 2026-27 तक 28.92 लाख महिलाओं को “लखपति दीदी” बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 18.55 लाख से अधिक महिलाएं इस श्रेणी में पहुंच चुकी हैं। इस उपलब्धि ने उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल कर दिया है।

लक्ष्य को सुनिश्चित करने के लिए केंद्र, राज्य, जनपद और विकासखंड स्तर पर समन्वय समितियां गठित की गई हैं, ताकि विभिन्न विभागों का अभिसरण सुनिश्चित हो सके। प्रदेश भर में 34,269 से अधिक “लखपति कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन (CRP)” को प्रशिक्षण देकर उन्हें आजीविका रजिस्टर बनाने और महिलाओं को आय के बहुविध स्रोतों से जोड़ने का दायित्व सौंपा गया है।

राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अनुसार, योजना के क्रियान्वयन में प्रदेश के रेशम, कृषि, उद्यान, खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, डेरी, पंचायती राज, मनरेगा, सहकारिता, समाज कल्याण, पर्यटन, मत्स्य और स्वास्थ्य विभाग समेत 16 से अधिक विभागों का सहयोग लिया जा रहा है।

सरकार का मानना है कि इन समन्वित प्रयासों से ग्रामीण अंचल की महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बनेंगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी सशक्त आधार मिलेगा