लखनऊ संदेश महल समाचार
प्रदेश में शारदीय नवरात्रि (22 सितंबर से 01 अक्टूबर 2025) के पावन अवसर पर महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए मिशन-शक्ति विशेष अभियान संचालित किया जाएगा। इस दौरान प्रदेश के देवी मंदिरों और शक्तिपीठों में सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन कर महिला शक्ति की सहभागिता सुनिश्चित कराई जाएगी।
यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी नवरात्रि की शुभ तिथियों पर मिशन-शक्ति अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित किया जाएगा। इसके अंतर्गत महिलाओं और बालिकाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ-साथ उनके सुरक्षा संबंधी कानूनों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
कार्यक्रम और व्यवस्थाएं
मंत्री ने बताया कि प्रत्येक जनपद में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन हेतु चयनित भजन मंडलियों और कलाकारों को मानदेय स्वरूप ₹5,000 की धनराशि दी जाएगी। इसके अतिरिक्त ध्वनि, प्रकाश, बैकड्रॉप, प्रचार-प्रसार और अन्य व्यवस्थाओं पर भी ₹5,000 व्यय किए जाएंगे। प्रत्येक जनपद को कलाकारों के मानदेय व व्यवस्थाओं हेतु कुल ₹1 लाख की धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि नवरात्र के दौरान मंदिरों में अखण्ड रामायण पाठ, सुंदरकांड पाठ और दुर्गा सप्तशती पाठ का आयोजन किया जाएगा। विशेष रूप से 30 सितंबर (अष्टमी) सुबह 11 बजे से 01 अक्टूबर (नवमी) सुबह 11 बजे तक स्थानीय भजन व कीर्तन मंडलियों द्वारा धार्मिक पाठ आयोजित किए जाएंगे।
समितियों का गठन और प्रचार-प्रसार
कार्यक्रमों के सफल संचालन के लिए प्रत्येक जनपद में जिला, तहसील और विकासखंड स्तरीय समितियां गठित की जाएंगी। जिलाधिकारी अपनी अध्यक्षता में कलाकारों और मंडलियों का चयन करेंगे। वहीं, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार प्रिंट और सोशल मीडिया के साथ मंदिर प्रांगणों में होर्डिंग्स लगाकर किया जाएगा।
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि शारदीय नवरात्रि पर आयोजित होने वाले ये सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन न केवल महिला सशक्तिकरण का संदेश देंगे, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय मूल्यों को भी जनमानस से जोड़ेंगे