दलवीर सिंह अमृतसर संदेश महल
सिख कौम के महान योद्धा और एंग्लो-सिख युद्ध के नायक जरनैल सरदार शाम सिंह अटारीवाला का 180वां शहीदी दिवस पर पंजाब सरकार की ओर से नारायणगढ़ और अटारी में पूरे श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। राज्य स्तरीय शहीदी समारोह में पंजाब के लोक निर्माण मंत्री सरदार हरभजन सिंह ई.टी.ओ. मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि अटारी के विधायक जसविंदर सिंह रमदास और अमृतसर पश्चिमी के विधायक डॉ. जसबीर सिंह संधू विशेष अतिथि रहे।इंडिया गेट के समीप स्थित महान जरनैल सरदार शाम सिंह अटारीवाला के स्मारक पर कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ., विधायक डॉ. जसबीर सिंह संधू, ब्रिगेडियर एस.एस. जामवाल (कमांडर, 54 इन्फेंट्री ब्रिगेड), कर्नल सुमित शर्मा, उपायुक्त दलविंदरजीत सिंह, पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर, एसडीएम मनकंवल सिंह चाहल सहित सेना, प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान पंजाब पुलिस के जवानों ने शहीद को हथियार उल्टे कर सलामी दी।
इसके बाद अटारी स्थित सरदार शाम सिंह अटारीवाला की समाधि पर श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के उपरांत धार्मिक दीवान सजाए गए। श्री दरबार साहिब के हजूरी रागी भाई गुरजीत सिंह बैंका ने गुरबाणी कीर्तन किया, जबकि भाई गुरप्रीत सिंह भंगू के ढाढी जत्थे ने जरनैल शाम सिंह अटारीवाला के जीवन, शौर्य और शहादत का प्रेरक वृत्तांत संगत के समक्ष प्रस्तुत किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने समाधि स्थल पर पहुंचकर शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए।कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने समाधि पर नतमस्तक होकर श्रद्धांजलि अर्पित की और सरदार शाम सिंह अटारीवाला संग्रहालय का भी अवलोकन किया। धार्मिक दीवान को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरदार शाम सिंह अटारीवाला सिख कौम के महान जनरल थे, जिन्हें एंग्लो-सिख युद्ध के दौरान सभराओ की ऐतिहासिक जंग में अंतिम सांस तक लड़ने के लिए हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी बहादुरी और शहादत की प्रशंसा अंग्रेज इतिहासकारों ने भी की है। शहीद किसी एक परिवार या क्षेत्र की नहीं, बल्कि पूरी कौम की धरोहर होते हैं और उन्हें स्मरण रखना हमारा नैतिक कर्तव्य है।उन्होंने कहा कि अटारी गांव को नया स्वरूप दिया जाएगा, ताकि वाघा-अटारी सीमा पर रिट्रीट सेरेमनी देखने आने वाले पर्यटक शहीद की समाधि तक पहुंचें और नई पीढ़ी को उनके बलिदान से अवगत कराया जा सके। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस प्रकार के आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लें और अपने बच्चों को इतिहास से जोड़ें।समारोह के दौरान शहीद के परिवारजनों और ट्रस्ट पदाधिकारियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रसिद्ध लेखिका डॉ. कुलविंदर कौर मिन्हास की पुस्तक ‘सिख राज के आखिरी थंभ सरदार शाम सिंह अटारीवाला’ का विमोचन भी कैबिनेट मंत्री द्वारा किया गया।कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती सुरिंदर कौर, पूर्व वायुसेना अधिकारी निर्मल सिंह बेदी, सेना के वरिष्ठ अधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राएं भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।