33 साल पुराना संजय सेतु होगा बंद, दो माह तक आवागमन ठप होने की आशंका

रामनगर बाराबंकी संदेश महल
बाराबंकी-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर सरयू नदी पर बना संजय सेतु अपनी सेवा के 33 वर्ष पूरे कर चुका है। बीते कई महीनों से पुल के ज्वाइंटर खुलने, बेयरिंग खिसकने समेत अन्य तकनीकी खामियां सामने आने के बाद इसकी पुख्ता मरम्मत का निर्णय लिया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा 10 फरवरी से करीब दो माह तक पुल को पूरी तरह बंद करने की तैयारी की जा रही है।पुल बंद होने की स्थिति में बाराबंकी, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर और श्रावस्ती जैसे कई जिलों का सीधा आवागमन प्रभावित होगा। इससे लखनऊ की ओर जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।एएनएच लखनऊ के सहायक अभियंता अनंत मौर्य ने बताया कि मरम्मत सर्वे के बाद कार्य शुरू करने के लिए पुल बंद कराने संबंधी पत्र संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों एवं प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग को भेज दिया गया है। अब राज्य स्तर पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा, साथ ही पुल बंद रहने की स्थिति में डाइवर्जन रूट भी तय किया जाएगा।सूत्रों के अनुसार, पुल बंद होने पर वाहनों को चहलारी घाट सीतापुर या अयोध्या होकर लंबा रास्ता तय करना होगा। इसके अलावा लखनऊ पहुंचने का कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं है। ऐसे में यात्रियों को 150 से 200 किलोमीटर तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है।लंबे डायवर्जन से बीमार बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और आपातकालीन मरीजों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसी को देखते हुए स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने सरयू नदी में अस्थायी पीपे का पुल बनाकर यातायात को आंशिक रूप से चालू रखने की मांग की है।हालांकि, सहायक अभियंता ने स्पष्ट किया कि सरयू नदी में अत्यधिक बालू होने के कारण पीपे का पुल बनाना तकनीकी रूप से संभव नहीं है और डाइवर्जन ही एकमात्र विकल्प है। अंतिम निर्णय उच्च अधिकारियों के स्तर से लिया जाएगा।अब सभी की निगाहें राज्य सरकार के फैसले पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि मरम्मत कार्य के दौरान आम जनता को राहत मिलेगी या लंबा और कठिन सफर मजबूरी बनेगा।