नई दिल्ली/वाराणसी संदेश महल
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना 11 वर्ष पूरे होने के साथ ही देश में स्वरोजगार को नई दिशा मिलती नजर आ रही है। वर्ष 2015 में शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी योजना ने अब तक करोड़ों युवाओं, महिलाओं और छोटे उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया है।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि यह योजना युवाओं में उद्यमिता की भावना को विकसित करने में बेहद सफल रही है। उन्होंने कहा कि “मुद्रा योजना की सफलता इस बात का प्रमाण है कि जब लोगों को सही अवसर और सहयोग मिलता है, तो वे न केवल आत्मनिर्भर बनते हैं, बल्कि देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।”
वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना समावेशी विकास का एक सशक्त माध्यम बन चुकी है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल ऋण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि करोड़ों युवाओं और महिलाओं के सपनों को साकार करने का मजबूत आधार भी है।
योजना के तहत मिलते हैं तीन प्रकार के ऋण
वाराणसी के अग्रणी जिला प्रबंधक अविनाश अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत तीन श्रेणियों—शिशु, किशोर और तरुण—में ऋण प्रदान किया जाता है:
शिशु श्रेणी: ₹50,000 तक
किशोर श्रेणी: ₹50,000 से ₹5 लाख तक
तरुण श्रेणी: ₹5 लाख से ₹10 लाख तक
उन्होंने बताया कि यह योजना विशेष रूप से युवाओं के लिए बेहद प्रभावी साबित हो रही है और छोटे व्यवसायों को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना आज न केवल आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनी है, बल्कि “आत्मनिर्भर भारत” के लक्ष्य को साकार करने में भी एक मजबूत आधार साबित हो रही है