मिश्रित/नैमिषारण्य सीतापुर संदेश महल
नगर पालिका परिषद मिश्रित द्वारा ठंड से बचाव के लिए कस्बा क्षेत्र के प्रमुख चौराहों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की जाती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आई। रविवार रात करीब 9 बजकर 32 मिनट पर नगर के कई प्रमुख स्थानों पर अलाव पूरी तरह बुझा मिला, जिससे राहगीरों, यात्रियों और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को ठंड में भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
नगर का मुख्य धर्मशाला चौराहा पूरी तरह अंधेरे और ठंड की मार झेलता नजर आया, जहां अलाव एकदम शांत पड़ा था। इसके बाद पीपल चौराहा पर भी स्थिति वैसी ही रही, यहां भी अलाव बुझा हुआ मिला।
आगे बढ़ने पर तहसील चौराहा, जहां सीतापुर और हरदोई की ओर से आने-जाने वाले यात्रियों की आवाजाही बनी रहती है, वहां भी अलाव जलता नहीं मिला। इसके बाद नहर चौराहा, पुलिस सहायता केंद्र के पास स्थित अलाव में सिर्फ हल्की-सी चिंगारी दिखाई दी। यहां रातभर ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मी नगर की सुरक्षा में तैनात रहते हैं, लेकिन ठंड से बचाव की पर्याप्त व्यवस्था न होने से उन्हें पूरी रात ठिठुरकर ड्यूटी करनी पड़ती है।
इसके आगे परसौली चौराहा (चुंगी नंबर पांच) पर हालात और भी चिंताजनक दिखे। यहां “डाक के तीन पात” वाली कहावत चरितार्थ होती नजर आई—लकड़ियां तो पड़ी थीं, लेकिन अलाव जलता हुआ नहीं था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका हर साल ठंड के मौसम में अलाव जलाने के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाती है। जमीनी स्तर पर न निगरानी होती है और न ही जिम्मेदार कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाती है। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि अलाव व्यवस्था की नियमित जांच कराई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो, ताकि ठंड से राहत मिल सके।