चाइनीज मांझे से नाक और उंगलियां कटीं, सहायक अध्यापक बाल-बाल बचे

बाराबंकी संदेश महल
शहर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत अंबेडकर छात्रावास के सामने शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया, जब प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की चपेट में आकर एक शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए। गनीमत रही कि समय रहते उन्हें संभाल लिया गया, अन्यथा घटना और भी भयावह हो सकती थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अमित कुमार (36), निवासी ग्राम मैनाहार, थाना देवा, वर्तमान में बाराबंकी शहर में निवास करते हैं। वे विकास खंड सूरतगंज के प्राथमिक विद्यालय रहटा रानीगंज में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं।
शुक्रवार सुबह करीब 8:15 बजे वे बाइक से विद्यालय ड्यूटी के लिए निकले थे। जैसे ही वे दीप टाइल्स की दुकान के पास पहुंचे, अचानक हवा में लटका चाइनीज मांझा उनकी नाक में आकर फंस गया। तेज धारदार मांझे को हटाने के प्रयास में उनके हाथ की उंगलियां और अंगूठा भी कटकर घायल हो गए। अचानक हुए इस हादसे से बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई।
हादसे में अमित कुमार की नाक पर गहरा कट लगा है, वहीं हाथ की उंगलियों में गंभीर चोटें आई हैं। गिरने से उन्हें शरीर के अन्य हिस्सों में भी आंतरिक चोटें पहुंची हैं। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल उपचार के लिए पहुंचाया गया।

प्रतिबंध के बावजूद खुलेआम बिक रहा है मांझा

गौरतलब है कि सरकार द्वारा चाइनीज मांझे की बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है, क्योंकि इसकी धार इंसानों के साथ साथ पक्षियों के लिए भी जानलेवा साबित हो चुकी है। इसके बावजूद शहर में चोरी-छिपे इसकी बिक्री जारी है, जिसके चलते आए दिन दुर्घटनाएं सामने आ रही हैं।घायल शिक्षक अमित कुमार ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि प्रतिबंध केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक इसकी बिक्री पर पूरी तरह रोक नहीं लगेगी, तब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे।उन्होंने अपील की कि प्रशासन बाजारों में सघन अभियान चलाकर चाइनीज मांझा बेचने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए, ताकि किसी और के साथ ऐसी जानलेवा घटना न घटे।
प्रशासन की जिम्मेदारी पर उठे सवाल लगातार सामने आ रही घटनाएं यह सवाल खड़ा कर रही हैं कि आखिर प्रतिबंध के बावजूद यह जानलेवा मांझा बाजार में कैसे उपलब्ध है? क्या संबंधित विभागों की निगरानी पर्याप्त नहीं है?शहरवासियों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।यह घटना एक बार फिर चेतावनी दे रही है कि थोड़ी सी लापरवाही किसी की जान पर भारी पड़ सकती है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कितना गंभीर रुख अपनाता है।