हिमांशु यादव
इटावा – संदेश महल समाचार
इटावा रेलवे स्टेशन पर उस समय हड़कंप मच गया जब कालका एक्सप्रेस के इंजन में बैठा एक युवक फर्जी लोको पायलट के रूप में पकड़ा गया। युवक वर्दी, नकली आईडी कार्ड, लाल-हरी झंडी और लॉगबुक के साथ बिल्कुल असली लोको पायलट की तरह इंजन में बैठा था। असली लोको पायलट को उसकी हरकतों पर शक हुआ, जिसके बाद यह भेद खुला।

कौन है फर्जी पायलट?
गिरफ्तार युवक की पहचान आकाश कुमार के रूप में हुई है, जो फिरोजाबाद के कौसल्या नगर का निवासी है। आश्चर्य की बात यह है कि वह केवल दसवीं पास है। पूछताछ में आकाश ने स्वीकार किया कि वह पिछले दो साल से खुद को लोको पायलट बताकर कई ट्रेनों में सफर कर चुका है। उसका मुख्य मकसद सिर्फ टिकट का किराया बचाना था।
रेलवे सुरक्षा पर गंभीर सवाल
GRP ने उसके पास से यूनिफॉर्म, नकली पहचान पत्र, नेमप्लेट और सिग्नल फ्लैग्स बरामद किए हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह केवल किराया बचाने का मामला नहीं हो सकता। जांच में इस बात की भी संभावना जताई जा रही है कि इसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय हो सकता है। सुरक्षा विशेषज्ञों ने इसे रेलवे सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है।
अगला कदम
फिलहाल युवक को जेल भेज दिया गया है और GRP मामले की गहराई से जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी तलाश कर रही हैं कि कहीं यह मामला किसी बड़े ठगी या सुरक्षा तंत्र से जुड़ा तो नहीं।