खबर का असर – 6 वर्षों की चुप्पी टूटी मक़ावल पंचायत ने सुधारा सार्वजनिक शौचालय

हीराराम सैन सिरोही राजस्थान संदेश महल
भटाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत मक़ावल में आखिरकार वह हुआ, जिसका इंतजार ग्रामीण वर्षों से कर रहे थे। करीब छह साल से उपेक्षा का शिकार बना सार्वजनिक शौचालय अब फिर से उपयोग योग्य बनाने की दिशा में कदम बढ़ा चुका है। 4 अप्रैल को ‘संदेश महल’ में प्रमुखता से प्रकाशित खबर ने न केवल जिम्मेदारों को झकझोरा, बल्कि प्रशासनिक सक्रियता की एक नई मिसाल भी पेश की।


खबर के प्रकाशित होते ही पंचायत हरकत में आई और वर्षों से गंदगी व बदहाल व्यवस्था से जूझ रहे शौचालय की साफ-सफाई का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कराया गया। रविवार जैसे अवकाश के दिन भी ग्राम विकास अधिकारी और सरपंच प्रतिनिधि पूरे समय पंचायत भवन में डटे रहे। जेसीबी मशीन लगाकर शौचालय परिसर की गहराई से सफाई कराई गई, जिससे लंबे समय से जमा कचरा और गंदगी हटाई जा सकी।केवल साफ-सफाई तक ही सीमित न रहकर, पंचायत ने बुनियादी सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी। शौचालय में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नया पानी कनेक्शन दिया गया और पानी की टंकी स्थापित कराई गई। इससे अब यह सुविधा वास्तव में उपयोग के योग्य बन सकेगी।
ग्रामीणों में इस बदलाव को लेकर उत्साह और संतोष साफ नजर आया। उन्होंने ‘संदेश महल’ की जनपक्षीय पत्रकारिता की सराहना करते हुए कहा कि मीडिया की सजगता से ही उनकी आवाज प्रशासन तक पहुंच सकी। साथ ही जिला प्रशासन और उपखंड प्रशासन के प्रति भी आभार व्यक्त किया गया, जिन्होंने त्वरित संज्ञान लेकर कार्य को अमल में लाया।
यह पूरा घटनाक्रम एक सशक्त उदाहरण है कि जब पत्रकारिता जनहित के प्रति प्रतिबद्ध होती है, तो वह केवल खबर तक सीमित नहीं रहती, बल्कि परिवर्तन की वाहक बन जाती है। मक़ावल की यह कहानी न केवल एक पंचायत के जागने की है, बल्कि यह उस भरोसे की भी कहानी है, जो जनता आज भी निष्पक्ष और सक्रिय मीडिया से रखती है।