शिव विवाह प्रसंग से गूंजा रामकथा पंडाल भजनों पर झूमे श्रद्धालु

संतकबीरनगर संदेश महल
पुराने रोडवेज परिसर में चल रही रामकथा के दूसरे दिन सती भ्रम और भगवान शिव विवाह का मार्मिक प्रसंग सुन श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा व्यास गोरखनाथ मिश्र के भावपूर्ण वाचन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। पंडाल में “हर-हर महादेव” के जयघोष गूंजते रहे।कथा के दौरान व्यास ने सती माता के आत्मसम्मान और त्याग की गाथा को विस्तार से सुनाया। उन्होंने बताया कि पिता दक्ष के अपमान से आहत होकर सती ने आत्मदाह कर लिया। इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने नारी गरिमा और स्वाभिमान का संदेश दिया। इसके बाद माता पार्वती के रूप में पुनर्जन्म और भगवान शिव से उनके विवाह का प्रसंग सुनाया गया। शिव बारात के अनोखे स्वरूप का वर्णन सुनकर श्रद्धालु आनंदित हो उठे।भजन संध्या में कलाकारों ने “शिव शंकर को जिसने पूजा” और “भोलेनाथ से निराला कोई और नहीं” जैसे भजनों की प्रस्तुति देकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। “क्या भरोसा है इस जिंदगी का भजन पर श्रद्धालु झूम उठे और कई लोग भावुक नजर आए।कार्यक्रम में श्याम सिंह गणेश यादव, संतोष श्रीवास्तव, अमरेश बहादुर पाल, किरण प्रजापति, रमाकांत यादव व सोनू प्रजापति सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। आयोजन स्थल पर बैठने, पेयजल व प्रकाश की समुचित व्यवस्था रही।आयोजकों ने बताया कि रामकथा आगामी दिनों तक जारी रहेगी। श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ लेने की अपील की गई है।