सिरफिरे आशिक ने प्रेमिका के तीन बच्चों को गनपॉइंट पर बनाया बंधक पुलिस की सूझबूझ से छूटे मासूम

कन्नौज संदेश महल समाचार
शुक्रवार को कन्नौज जनपद के छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र स्थित काशीराम कॉलोनी आतंक के साये में डूब गई। दिनदहाड़े एक सिरफिरे आशिक ने अपनी प्रेमिका के तीन मासूम बच्चों को गनपॉइंट पर बंधक बना लिया और सात घंटे तक पुलिस-प्रशासन को चुनौती देता रहा। इलाके में सन्नाटा पसरा रहा और लोग सांसें थामकर ऑपरेशन की सफलता की दुआ करते रहे।

विवादित शादी बनी वजह

आरोपी की पहचान दीपू के रूप में हुई है। वह चार महीने पहले तीन बच्चों की विधवा मां अर्चना से कोर्ट मैरिज कर चुका था। लेकिन शादी के कुछ ही समय बाद दोनों के बीच रिश्ते बिगड़ गए। अर्चना ने उससे दूरी बना ली और अलग रहने लगी। इसी बात से खफा होकर शुक्रवार दोपहर दीपू अचानक अर्चना के घर पहुंचा।

गनपॉइंट पर बच्चों को बनाया बंधक

घर में अर्चना तो मौजूद नहीं थी, लेकिन उसके तीन मासूम बच्चे थे। दीपू ने बच्चों से मां का ठिकाना पूछा। जानकारी न मिलने पर गुस्से में उसने तमंचा निकालकर बच्चों को कमरे में बंद कर दिया। दीपू बार-बार बच्चों से कहता – “अपनी मां को बुलाओ, वरना अंजाम बुरा होगा।
हाथ में तमंचा और मुंह में कारतूस दबाए आरोपी कभी खुदकुशी की धमकी देता तो कभी बच्चों को नुकसान पहुंचाने की बात कहकर पूरे माहौल को दहशतनाक बनाए रहा।

सात घंटे चला ऑपरेशन

सूचना पर भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। छिबरामऊ कस्बे का यह इलाका देखते ही देखते छावनी में तब्दील हो गया। पुलिस ने मोहल्ले को चारों ओर से घेर लिया। एसपी विनोद कुमार ने खुद मोर्चा संभालते हुए आरोपी से लगातार बातचीत की कोशिश की।
करीब सात घंटे तक चली इस जद्दोजहद के दौरान दीपू ने पुलिस पर फायरिंग भी कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी, जिसके बाद वह काबू में आ सका।

बच्चों की सकुशल रिहाई, आरोपी अस्पताल में भर्ती

जैसे ही पुलिस ने आरोपी को काबू किया, बंधक बने बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। मासूम बच्चों को सकुशल देखकर वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। घायल दीपू को पुलिस ने इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है।

एसपी ने दी जानकारी

पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया –
“आरोपी दीपू ने तीन बच्चों को गनपॉइंट पर बंधक बना रखा था। लंबा ऑपरेशन चलाकर बच्चों को सकुशल छुड़ाया गया। आरोपी को पैर में गोली लगी है और उसे अस्पताल भेजा गया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।”

मोहल्ले में दहशत, फिर राहत

इस घटना के दौरान मोहल्ले में चारों तरफ अफरा-तफरी मची रही। लोग अपने घरों में दुबके रहे और पुलिस के ऑपरेशन पर नजर गड़ाए रहे। जैसे ही बच्चों के सुरक्षित निकलने की खबर फैली, पूरे इलाके में राहत की सांस ली गई।