फतेहपुर बाराबंकी संदेश महल
सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश से आक्रोशित शिक्षकों ने शनिवार को शिक्षा क्षेत्र फतेहपुर के विधायक साकेंद्र वर्मा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए।

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ-बाराबंकी के पदाधिकारियों ने कहा कि अधिनियम लागू होने से पहले की नियुक्तियों पर टीईटी की शर्त लागू करना अनुचित है। इस मामले में केंद्र अथवा राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं था, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने गलत तथ्यों के आधार पर आदेश पारित कर दिया।
संगठन ने बताया कि आदेश के अनुसार शिक्षकों को देशभर में पद पर बने रहने के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। केवल पांच वर्ष से कम सेवा शेष वाले शिक्षकों को ही छूट दी गई है, लेकिन प्रोन्नति में उन्हें भी कोई राहत नहीं मिलेगी। इससे प्रदेश के लगभग आठ लाख शिक्षकों की नौकरी और पदोन्नति खतरे में पड़ गई है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने टीईटी पास करने के लिए सिर्फ दो वर्ष का समय दिया है, जो व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।
संघ ने विधायक के माध्यम से सरकार से हस्तक्षेप कर अधिनियम में आवश्यक संशोधन कराने की मांग की है, ताकि पूर्व नियुक्त शिक्षकों को राहत मिल सके।