लखनऊ संदेश महल
बाराबंकी में फर्जी प्रवेश और मान्यता घोटाले ने उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। इस सनसनीखेज मामले के सामने आते ही योगी सरकार एक्शन मोड में आ गई है। अब प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों की गहन जांच होगी।
राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने सोमवार को प्रेस को बताया कि सरकार ने हर जिले में विशेष जांच टीमें गठित करने का आदेश जारी कर दिया है। ये टीमें 15 दिनों के भीतर जांच पूरी कर शासन को रिपोर्ट सौंपेंगी।
“शिक्षा के नाम पर ठगी और फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी संस्थान नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।”
— योगेन्द्र उपाध्याय, उच्च शिक्षा मंत्री, उत्तर प्रदेश
सूत्रों के मुताबिक, जांच में प्रवेश प्रक्रिया, सीटों की संख्या, पाठ्यक्रमों की मान्यता, और शुल्क संरचना जैसे बिंदुओं को खंगाला जाएगा। राज्य सरकार की इस सख्ती से फर्जीवाड़ा करने वाले संस्थानों में खलबली मच गई है।
क्यों मचा हड़कंप?
बाराबंकी में हाल ही में एक निजी संस्थान द्वारा फर्जी तरीके से छात्रों को प्रवेश देने और फर्जी डिग्री जारी करने का मामला सामने आया था। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि कई छात्रों को बिना मान्यता प्राप्त कोर्स में दाखिला दे दिया गया था।
इस घटना के बाद से ही सरकार पर दबाव बढ़ा, और अब यह कदम प्रदेशभर में शिक्षा की साफ-सुथरी छवि बहाल करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।