मनरेगा गाइडलाइन के अनुरूप लाभार्थीपरक कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश

लखनऊ संदेश महल
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए ग्राम्य विकास विभाग लगातार प्रयासरत है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में विभाग की योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही या कोताही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मनरेगा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 31,234 महिला मेटों की तैनाती की जा चुकी है। इसके साथ ही दिव्यांग जॉब कार्ड धारकों को मनरेगा गाइडलाइन के अनुसार अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक 16,896 दिव्यांग श्रमिकों को मनरेगा के अंतर्गत काम प्रदान किया गया है।

उप मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया है कि व्यक्तिगत लाभार्थीपरक कार्यों को प्राथमिकता के साथ मनरेगा गाइडलाइन के अनुसार विभिन्न गतिविधियों में शामिल किया जाए, ताकि ग्रामीण परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके। इस क्रम में आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग जी.एस. प्रियदर्शी ने जिला स्तर के अधिकारियों को कई बिंदुओं पर तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।

आयुक्त द्वारा मानव दिवस सृजन, अमृत सरोवरों की देखभाल, देयों का समय पर भुगतान, क्षेत्रीय निरीक्षण, सोशल ऑडिट, कृषि संबंधित कार्य, महिलाओं की सहभागिता और 100 दिवस रोजगार जैसी गतिविधियों पर विशेष रूप से प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। सभी जिलों को निर्देशित किया गया है कि ‘वन वर्क–वन एफटीओ’ प्रणाली में किसी भी प्रकार का विचलन न होने पाए।

साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि जो भी पात्र व्यक्ति जॉब कार्ड की मांग करें, उन्हें तत्काल जॉब कार्ड प्रदान किए जाएं तथा मांग के अनुसार कार्य की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण परिवारों को समय पर रोजगार मिल सके।