गौरव गुप्ता
सीतापुर संदेश महल समाचार
मछरेहटा क्षेत्र में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक युवती के गायब होने पर उसके परिवार ने बाघ के हमले की मनगढ़ंत कहानी गढ़ दी। पुलिस और वन विभाग की टीम ने कई घंटों तक जंगल और खेतों में सघन तलाशी अभियान चलाया, लेकिन अंततः सच्चाई सामने आने पर परिजन खुद कटघरे में खड़े हो गए।
जानकारी के अनुसार, बृहस्पतिवार रात युवती कामिनी अपने प्रेमी के साथ घर से चली गई थी। जब परिवार को इस बात की भनक लगी तो लोकलाज से बचने के लिए मां और छोटी बहन ने मिलकर बाघ हमले की झूठी कहानी बना डाली।
शुक्रवार सुबह करीब 5:30 बजे मां ने मछरेहटा थाना प्रभारी प्रभात कुमार गुप्ता को सूचना दी कि उसकी बेटी को बाघ उठा ले गया है। सूचना पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा, वहीं वन विभाग के मिश्रिख रेंजर सिकंदर सिंह भी टीम के साथ पहुंच गए। ग्रामीणों की मदद से लगभग एक किलोमीटर के दायरे में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। इसके बाद वन विभाग के एसडीओ बृजेश पांडे और महोली की स्पेशल टाइगर टीम थर्मल ड्रोन लेकर पहुंचे और एक घंटे तक ड्रोन से भी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
संदेह गहराने पर पुलिस ने मां और छोटी बेटी से कड़ाई से पूछताछ की। इस दौरान छोटी बहन ने सच उगल दिया कि उसकी बड़ी बहन घर से प्रेमी संग भाग गई थी। मां ने उसे लोकलाज से बचाने के लिए सिखाया था कि वह बताए कि बहन को बाघ खींच ले गया। यहां तक कि मां ने उसके हाथों में चप्पल पकड़ा दी थी ताकि कहानी पर विश्वास हो सके।
पुलिस ने मां का मोबाइल कब्जे में ले लिया है। मिश्रिख सीओ आलोक प्रसाद ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही पूरी सच्चाई सार्वजनिक की जाएगी।
ग्रामीणों और विभागीय टीमों की कई घंटों की मेहनत उस वक्त बेकार साबित हो गई जब यह खुलासा हुआ कि पूरा घटनाक्रम सिर्फ परिजनों द्वारा रची गई एक झूठी कहानी थी।