पैतृक संपत्ति के बंटवारे पर बड़ा फैसला, अब पाँच हज़ार में होगा काम

सुल्तानपुर संदेश महल
उत्तर प्रदेश सरकार ने पैतृक संपत्ति के बंटवारे को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। अब विभाजन विलेख पर अधिकतम पाँच हज़ार रुपये ही स्टाम्प शुल्क देना होगा। पहले इस प्रक्रिया में लाखों रुपये का खर्च आता था, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता था।

यह प्रावधान परिवार की तीन पीढ़ियों तक के वंशजों के बीच संपत्ति के बंटवारे पर लागू होगा। आदेश के मुताबिक विलेख में परिवार की वंशावली देना अनिवार्य होगा। यह सुविधा कृषि, आवासीय और वाणिज्यिक संपत्तियों पर मिलेगी, जबकि कंपनी, सोसायटी, ट्रस्ट और औद्योगिक संपत्तियों को इस छूट से बाहर रखा गया है।

निर्णय के बाद जिले में अधिवक्ताओं और आम नागरिकों ने सरकार के कदम का स्वागत किया। अधिवक्ता जयशंकर द्विवेदी ने कहा कि गरीब और मध्यम वर्ग के लिए यह फैसला किसी वरदान से कम नहीं है। वहीं सहायक महानिरीक्षक निबंधन धर्मेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि इस पहल से पैतृक संपत्ति का बंटवारा अब न केवल आसान होगा बल्कि पूरी तरह कानूनी भी हो जाएगा।