प्रकृति की मार से तबाह हो गई भरूआ मिर्चा की खेती

रिपोर्ट
विनोद कुमार दूबे
संतकबीरनगर संदेश महल समाचार

फसल भरुआ मिर्च

संतकबीरनगर जनपद के धनघटा तहसील क्षेत्र का दियारा भरवा मरचा के लिए माना जाता है लेकिन इस वर्ष बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दिया है बेवक्त हुई बरसात में किसानों के अरमान पानी में बहा दिया जिसके चलते क्षेत्र के किसान परेशान हैं बताते चलें कि भरवा मरचा प्रत्येक घरों में रसोई में शोभा बढ़ाता है तहसील क्षेत्र भरवा मिर्ची की खेती के लिए जाना जाता है परंपरागत खेती छोड़ कर यहां के किसान कई सालों से मरचा की बेहतर फसल लेकर खुशहाल जीवन जी रहे थे नगदी फसल के चलते यहां के बेलारी बेलोरा कटया खैरगाढ़ चपरा पूर्वी छपरा दूल्हापार समेत दर्जनों गांव में बड़े पैमाने पर मरचा की खेती होती है।

क्षेत्र में मरचा की खेती करने वाले राम संवारे चौधरी अनिल चौधरी इंद्रजीत यादव रामरेखा समेत तमाम लोगों ने बताया कि प्रति बीघा में 10 से ₹15000 खर्च आता है और लगभग ₹100000 की आमदनी होती है जुलाई महीने में नर्सरी पढ़ती थी और फरवरी-मार्च तक फसल तैयार हो जाती थी तैयार फसलों को नजदीकी बाजार में बेचकर काफी मुनाफा मिलता था, लेकिन इस साल मौसम की मार ने फसल को बर्बाद कर दिया किसानों का कहना है कि जो फसल तैयार है उस में दाग लग जा रही है जिस वजह से व्यापारी उसे खरीद नहीं रहे हैं किसानों का कहना है कि इस वर्ष जमा पूंजी भी निकालना मुश्किल हो रहा है साथी साथ किसानों का कहना है कि पिछले वर्ष अच्छा उत्पादन मिला था लेकिन इस साल स्थिति बेहद खराब है और परिवार में चिंता बढ़ गई है।

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