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मैं जिंदगी से तंग आ गया हूं,और नदी में छलांग लगा दी।

लखीमपुर-खीरी से संदेश महल ब्यूरो रिपोर्ट उमेश बंसल के साथ

कस्बे के प्रमुख व्यापारी और ग्राम पंचायत खैरहनी के पूर्व प्रधान जगदीश प्रसाद गुप्ता के बेटे राजकिशोर (37) ने सुबह शारदानगर पुल से नदी में छलांग लगा दी। उसकी तलाश की जा रही है लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं लग सका है। राजकिशोर के पिता जगदीश प्रसाद गुप्ता ने बताया कि पिछले करीब दो वर्षों से राजकिशोर मानसिक रूप से अस्वस्थ चल रहा था। उसका इलाज लखनऊ के एक डॉक्टर से कराया जा रहा था।राजकिशोर उनकी गल्ला,गुड़,वनस्पति,तेल,खाद्यान्न आदि की आढ़त पर उनके साथ काम करता था। करीब साल भर पहले तक राजकिशोर ने पतंजलि उत्पादों की एजेंसी भी चलाई। इसके अलावा वह बाबा रामदेव के योग संस्थान से भी जुड़ा था। मंगलवार रात को राजकिशोर की बेटी का जन्मदिन था। इसे मनाने के बाद सभी सो गए थे। सुबह करीब छह बजे राजकिशोर घर में बिना किसी को कुछ बताए अचानक कार से शारदानगर पहुंच गया। वहां से उसने करीब साढ़े छह बजे जगदीश प्रसाद को फोन किया कि वह अपनी जिंदगी से तंग आ गया है। उसका कोई काम भी नहीं चल पा रहा है।
पत्नी और बेटियों का ध्यान रखने का अनुरोध करते हुए उसने नदी में छलांग लगाने की बात कही। जगदीश प्रसाद ने उसको काफी समझाया और रोका लेकिन उसने यह कहकर कि कार शारदानगर पुल पर खड़ी है। कार की चाबी,उसका मोबाइल फोन और सोने की चैन आदि गाड़ी की सीट के नीचे रखे हैं, कहकर उसने फोन काट दिया और नदी में छलांग लगा दी। जगदीश प्रसाद ने बताया कि सोते से जागकर यह कॉल सुनने के बाद वह हक्के-बक्के रह गए। आनन-फानन में ढखेरवा और शारदानगर पुलिस चौकी को फोन किया। साथ ही खुद भी शारदानगर पहुंचे लेकिन राजकिशोर का कहीं पता नहीं लगा।
पुल पर लगे सीसीटीवी कैमरों से राजकिशोर के मोबाइल पर बात करने और फिर पुल पर चढ़कर नदी में कूदने की तसदीक हुई। जगदीश प्रसाद ने बताया कि उनके परिवार में किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं था और न ही इसकी वजह से वह असंतुष्ट था। अचानक उसकी इस हरकत की वह कोई वजह नहीं बता सके। जगदीश प्रसाद गुप्ता कस्बे के जाने-माने आढ़ती और बड़े व्यापारी हैं। उनका निघासन कस्बे सहित ब्लॉक के खैरहनी गांव में मकान है। निघासन-ढखेरवा रोड पर इनका मैरिज हाल भी है तथा गल्ले, वनस्पति, तेल, मैदा, बेसन आदि का थोक कारोबार किया जाता है। वह गुड़ के बड़े आढ़ती हैं।