भटाना पटवारी रिश्वत प्रकरण: जांच अवधि पूरी, अब कार्रवाई पर टिकी लोगों की नजर

सिरोही/रेवदर राजस्थान संदेश महल समाचार 

भटाना ग्राम पंचायत में नामांतरण (म्यूटेशन) भरने के बदले रिश्वत मांगने के आरोपों से जुड़ा बहुचर्चित मामला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। रेवदर तहसीलदार द्वारा मंडार नायब तहसीलदार को सौंपी गई जांच की समय सीमा पूरी हो चुकी है, जिसके बाद अब क्षेत्रवासियों की निगाहें जांच रिपोर्ट और संभावित कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
गौरतलब है कि भटाना निवासी प्रार्थी सोहनलाल पुरोहित ने भटाना पटवारी पर नामांतरण प्रक्रिया लंबित रखने और रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगाए थे। मामले को लेकर जनसुनवाई में शिकायत दर्ज करवाई गई थी, जिसके बाद रेवदर तहसीलदार मंजू देवासी ने जांच के आदेश देते हुए मंडार नायब तहसीलदार जब्बर सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त किया था।
अब जांच अवधि समाप्त होने के बाद स्थानीय लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है कि क्या जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी कर सही रिपोर्ट पेश की जाएगी या फिर संबंधित पटवारी का बचाव किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि यदि आरोपों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो इससे आमजन का प्रशासन पर विश्वास कमजोर होगा।
प्रार्थी सोहनलाल पुरोहित ने बताया कि यदि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो वह 21 मई को जिला कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में पहुंचकर न्याय की गुहार लगाएंगे। उन्होंने कहा कि गरीब किसान को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
क्षेत्र में यह मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होना जरूरी है, ताकि आमजन को बिना किसी दबाव या आर्थिक बोझ के सरकारी सेवाएं मिल सकें।