
कन्नौज संदेश महल समाचार
गंगा नदी ने एक बार फिर कन्नौज में विकराल रूप ले लिया है। मंगलवार सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया, जिससे जिले के निचले इलाकों में बाढ़ का संकट मंडराने लगा है। नदी के बढ़ते पानी ने कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया है और हजारों बीघा खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह डूब चुकी हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गंगा के तटीय इलाकों में बसे गांवों में पानी घुसने लगा है। कई स्थानों पर ग्रामीण अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं, जबकि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर तैनात कर दी गई हैं।
प्रभावित गांवों में अफरा-तफरी का माहौल
बाढ़ से प्रभावित इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और कुछ विद्यालयों को राहत शिविरों में तब्दील किया जा रहा है। नावों के जरिए लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। कई ग्रामीणों का कहना है कि रात भर पानी बढ़ता रहा और सुबह तक घरों में घुस गया।
प्रशासन की अपील – नदियों के किनारे न जाएं
जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और लोगों को हरसंभव सहायता पहुंचाई जा रही है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और नदियों के किनारे जाने से बचें।
अगले 24 घंटे अहम
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं। प्रशासन ने सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट मोड पर रखा है।