हीराराम सैन
भटाना सिरोही राजस्थान
समाज में फैलती नशे की प्रवृत्ति के खिलाफ भटाना गांव में एक सराहनीय पहल देखने को मिली। गांव के पिलास परिवार के गृह प्रवेश समारोह में अमल-डोडा जैसी कुप्रथा को पूरी तरह त्यागते हुए मेहमानों के स्वागत के लिए केवल चाय-पानी और भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई। समारोह में कहीं भी अमल-डोडा की झलक तक देखने को नहीं मिली, जिसे उपस्थित लोगों ने समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश बताया।

बताया जाता है कि चौधरी समाज में लंबे समय से अमल-डोडा जैसी नशे की परंपरा चली आ रही है, जिसके कारण कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को कम उम्र में खो दिया। इसी को देखते हुए पिलास परिवार ने इस परंपरा को तोड़ते हुए समाज के सामने एक नई मिसाल पेश की है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यदि ऐसे प्रयास लगातार होते रहें तो समाज के युवाओं को नशे से दूर रखने में बड़ी मदद मिल सकती है।
समारोह में समाज के नवयुवकों को भी नशे से दूर रहने और समाज सुधार के कार्यों में आगे आने का संदेश दिया गया। लोगों ने उम्मीद जताई कि भटाना से शुरू हुई यह पहल आगे चलकर पूरे क्षेत्र में एक सकारात्मक परिवर्तन का कारण बनेगी।
इस शुभ अवसर पर श्री गुरुवर तवरी मंत श्री जीवनगिरी जी महाराज, भटाना उप सरपंच प्रभु भाई रबारी, भटाना सोसायटी अध्यक्ष गुलाब सिंह, भटाना भाजपा मंडल अध्यक्ष कुलदीप भाई रामपुरा, जावल भाजपा मंडल अध्यक्ष अमराराम चौधरी, भाजपा मंडल महामंत्री दिनेश कुमार चौधरी, मकावल के ताराचंद पुरोहित, कपूरचंद पुरोहित, गोविंद पुरोहित, रमेश कुमार पुरोहित, प्रभु चौधरी, पटेल वासड़ा के अगराराम चौधरी, हीराबाई चौधरी, राजा जी पिलास, बाबू भाई, स्व. नगाजी पिलास, जैताराम जी भटाना सहित समाज के कई गणमान्य व्यक्ति, युवक और बुजुर्ग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आबू रोड से आए शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. विजेंद्र जी भी अपने स्टाफ के साथ शामिल हुए। उनका स्वागत श्री बाबूलाल जी पिलास द्वारा माला और साफा पहनाकर किया गया।
समारोह में उपस्थित लोगों ने पिलास परिवार की इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी कदम बताया।