झुंझुनूं राजस्थान संदेश महल समाचार। जनगणना 2027 के तहत झुंझुनूं तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में डोर-टू-डोर सर्वे कार्य के लिए नियुक्त जनगणना टीमों को शनिवार को तहसील कार्यालय से विधायक राजेंद्र भांबू और तहसीलदार महेंद्र सिंह मूंड ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान प्रगणकों और सुपरवाइजरों में खासा उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम में महिला प्रगणकों और सुपरवाइजरों की सक्रिय भागीदारी विशेष आकर्षण रही। कार्मिकों ने बताया कि सरकार द्वारा कार्यक्षेत्र सीमित रखने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने से वे बिना किसी दबाव के अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
इस अवसर पर विधायक राजेंद्र भांबू ने कहा कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्यक्रम है और विकसित भारत 2047 की परिकल्पना को साकार करने में इसकी अहम भूमिका रहेगी। उन्होंने सभी प्रगणकों और सुपरवाइजरों को शुभकामनाएं देते हुए जिम्मेदारी को गंभीरता और ईमानदारी से निभाने का आह्वान किया।
तहसीलदार महेंद्र सिंह मूंड ने जानकारी देते हुए बताया कि झुंझुनूं तहसील क्षेत्र के 89 राजस्व गांवों के लिए 219 प्रगणक और 35 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रगणक को सीमित क्षेत्र आवंटित किया गया है, जिससे वे बिना तनाव के एक माह में लगभग 150 से 200 मकानों का सर्वे आसानी से पूरा कर सकेंगे। प्रतिदिन पांच से छह मकानों में डिजिटल एंट्री की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना में लोगों की गणना वहीं की जाएगी, जहां वे वर्तमान में रह रहे हैं, चाहे वह पढ़ाई, नौकरी या व्यापार के कारण ही क्यों न हो। प्रथम चरण की जनगणना का मूल निवास से कोई संबंध नहीं है।
अधिकारियों ने आमजन से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के भ्रम में न रहें और जनगणना कार्य में पूरा सहयोग करें। तहसीलदार ने बताया कि यह देश की 16वीं, आजादी के बाद की आठवीं तथा पहली पूर्ण डिजिटल और पेपरलेस जनगणना होगी। इसके तहत प्रगणक घर-घर जाकर मकान की संरचना, शौचालय, रसोई, ईंधन, वाहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी एकत्र करेंगे।