रामगढ़ में राष्ट्रीय कवि संगम अधिवेशन, कवियों ने जगाई साहित्यिक चेतना

रामगढ़ संदेश महल समाचार

राष्ट्रीय कवि संगम के झारखंड प्रांतीय कार्यकारिणी अधिवेशन का आयोजन रामगढ़ में उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में दिल्ली सहित झारखंड के विभिन्न जिलों से पहुंचे कवियों और साहित्यकारों ने अपनी ओजस्वी एवं भावपूर्ण रचनाओं का पाठ कर साहित्य के माध्यम से राष्ट्र जागरण और सांस्कृतिक चेतना का संदेश दिया।
अधिवेशन में राष्ट्रीय कवि संगम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल, झारखंड प्रांत अध्यक्ष विजय मेवाड़, प्रदेश महासचिव सरोजकांत झा सहित अनेक साहित्यकार उपस्थित रहे। कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और साहित्य की सामाजिक भूमिका पर प्रकाश डाला।
राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल ने कहा कि कविता में समाज को दिशा देने की अद्भुत शक्ति होती है। उन्होंने कहा कि कविता केवल मंच तक सीमित नहीं रहती, बल्कि समाज, विधानसभा, राज्यसभा, लोकसभा और जनसभाओं तक अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराती है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कवि संगम का उद्देश्य कविता के माध्यम से युवाओं और महिलाओं में जागरूकता फैलाना तथा राष्ट्रभाव को सुदृढ़ करना है।
झारखंड प्रांत अध्यक्ष विजय मेवाड़ ने कहा कि साहित्य समाज के चरित्र निर्माण और सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजनों से प्रदेश के रचनाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है और साहित्यिक वातावरण को नई ऊर्जा मिलती है।
प्रदेश महासचिव सरोजकांत झा ने कहा कि राष्ट्रीय कवि संगम के कार्यक्रमों का मूल उद्देश्य साहित्य के माध्यम से राष्ट्र जागरण और सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण करना है। उन्होंने अधिक से अधिक युवाओं को साहित्य से जोड़ने पर भी बल दिया।
अधिवेशन के दौरान विभिन्न कवियों ने देशभक्ति, संस्कृति, सामाजिक सरोकार और मानवीय मूल्यों पर आधारित कविताओं का पाठ किया, जिसे उपस्थित श्रोताओं ने खूब सराहा। कार्यक्रम ने झारखंड की साहित्यिक प्रतिभाओं को एक साझा मंच प्रदान किया और यह संदेश दिया कि साहित्य आज भी समाज में जनजागरण का प्रभावी माध्यम है।