सरयू का कहर: हेतमापुर में 24 घंटे में सात मकान नदी में समाए

रमेश चंद्र वर्मा/बाराबंकी संदेश महल समाचार

घाघरा-सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 40 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचने के बाद रामनगर तहसील क्षेत्र में बाढ़ और कटान का संकट गहरा गया है। हेतमापुर गांव में सरयू नदी तेजी से आबादी की ओर बढ़ रही है। पिछले 24 घंटे में सात मकान नदी में समा चुके हैं। लगातार बढ़ते कटान से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
नदी के बढ़ते खतरे को देखते हुए कई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। कुछ ग्रामीण अपने हाथों से ही घरों को तोड़कर ईंट, लकड़ी और अन्य जरूरी सामान निकाल रहे हैं, ताकि नदी की धारा में सब कुछ बह जाने से पहले सामान सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके।
हेतमापुर गांव की वर्षों पुरानी मस्जिद भी अब सरयू के कटान की जद में आती दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले सरयू नदी की धारा गांव से करीब एक किलोमीटर दूर बहती थी, लेकिन इस बार नदी का रुख तेजी से आबादी की ओर हो गया है। लगातार हो रहे कटान से गांव के अस्तित्व पर ही संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों के मुताबिक खेतों और मकानों के बाद अब आबादी के अन्य हिस्सों पर भी नदी का खतरा बढ़ता जा रहा है। लोगों को आशंका है कि यदि कटान इसी गति से जारी रहा तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

प्रशासन ने तेज किए राहत-बचाव कार्य

जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। प्रभावित परिवारों को सरकारी सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर पट्टे की जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी की जा रही है।