83 वर्षीय बुजुर्ग की पेंशन दूसरे खाते में जमा होने का आरोप, इलाज के लिए राशि मिलने की गुहार

हीराराम सैन/मकावल सिरोही राजस्थान संदेश महल

मकावल ग्राम पंचायत के मकावल गांव निवासी 83 वर्षीय पनाराम भील की पेंशन की राशि कथित तौर पर किसी दूसरे व्यक्ति के बैंक खाते में जमा होने का मामला सामने आया है। बुजुर्ग के परिजनों का कहना है कि पनाराम भील अशिक्षित हैं और चलने-फिरने में असमर्थ होने के कारण अधिकांश समय बिस्तर पर ही रहते हैं। ऐसे में पेंशन की राशि नहीं मिलने से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
परिजनों के अनुसार पनाराम भील की पेंशन वर्ष 2013 से शुरू हुई थी और यह राशि मारवाड़ ग्रामीण बैंक के बचत खाते में जमा होती थी। करीब तीन साल तक पेंशन बंद रहने के बाद केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराने पर पेंशन दोबारा शुरू हुई। परिवार का आरोप है कि पेंशन की राशि कंप्यूटर संबंधी त्रुटि के चलते पनाराम के खाते में जमा होने के बजाय किसी अन्य व्यक्ति के खाते में चली गई।
बैंक स्टेटमेंट की जांच करने पर पेंशन की राशि जीवाराम हीरागर के खाते में जमा होने की जानकारी सामने आने का दावा किया गया है। हालांकि, इस संबंध में संबंधित बैंक और प्रशासनिक स्तर से आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
पनाराम भील की पत्नी फूली देवी भील ने उपखंड प्रशासन और पंचायत समिति से मामले में हस्तक्षेप कर पेंशन की राशि दिलाने की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि पति की उम्र अधिक है और वे गंभीर आर्थिक परेशानी से गुजर रहे हैं। यदि पेंशन की बकाया राशि समय रहते मिल जाए तो पति का इलाज कराया जा सकेगा।
फूली देवी भील ने कहा, “मेरे पति की करीब तीन साल से ज्यादा की पेंशन जीवाराम हीरागर के खाते में जमा हुई है। यदि यह राशि समय रहते वापस मिल जाए तो मेरे पति का इलाज हो सकेगा।”
परिवार ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मामले की जांच कर पेंशन की राशि सही लाभार्थी तक पहुंचाने तथा बकाया राशि दिलाने की मांग की है।