
जेपी रावत
बाराबंकी संदेश महल समाचार
सूरतगंज क्षेत्र के ग्राम बिबियापुर रूहेरा निवासी सर्वेश कुमार ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर सरकारी अस्पताल से निजी अस्पताल भेजने, उपचार में कथित चिकित्सकीय लापरवाही और आर्थिक शोषण का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने तथा उपचार में खर्च हुई धनराशि दिलाने की मांग की है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, 15 अप्रैल 2026 को वह अपनी गर्भवती पत्नी गीता यादव को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सूरतगंज ले गए थे। आरोप है कि वहां तैनात एएनएम ने सरकारी अस्पताल में समुचित उपचार संभव न होने की बात कहकर उन्हें एक निजी अस्पताल में इलाज कराने की सलाह दी।

निजी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के बाद गर्भ में समस्या बताते हुए गर्भपात की प्रक्रिया करने की सलाह दी गई।
सर्वेश कुमार का आरोप है कि प्रक्रिया के दौरान कथित चिकित्सकीय लापरवाही के कारण उनकी पत्नी की आंत क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। बाद में उन्हें बाराबंकी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां उपचार में लगभग 95 हजार रुपये खर्च हो गए।शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि निजी अस्पताल प्रबंधन ने इलाज के नाम पर लगातार धनराशि ली और आर्थिक सहायता का आश्वासन देने के बावजूद बाद में सहयोग नहीं किया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पताल से मरीजों को निजी अस्पताल भेजकर आर्थिक लाभ कमाने का प्रयास किया जा रहा है।जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में सर्वेश कुमार ने संबंधित एएनएम, निजी अस्पताल संचालक तथा अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई कराने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उपचार में हुए खर्च की भरपाई कराने की मांग की है।हालांकि, समाचार लिखे जाने तक इस संबंध में संबंधित स्वास्थ्य विभाग अथवा निजी अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आ सका है। मामले की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। वहीं निजी अस्पताल संचालक से बात करने की कोशिश की गई लेकिन बात नहीं हो सकी।