कानपुर में फर्जी मैरिज ब्यूरो और AI दुल्हनों का भंडाफोड़, हजारों युवकों से करोड़ों की ठगी

कानपुर संदेश महल

साइबर थाना पुलिस ने शादी कराने के नाम पर युवकों से ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से युवतियों के आकर्षक फर्जी प्रोफाइल तैयार कर युवकों को अपने जाल में फंसाता था। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर 23 युवतियों को हिरासत में लिया है। मामले में तीन अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
पुलिस के अनुसार गिरोह ‘परफेक्ट रिश्ते’, ‘शादी मैच इंडिया’ और ‘शादी मैच’ जैसे नामों से फर्जी मैरिज ब्यूरो संचालित कर रहा था। आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि से शादी योग्य युवकों का डाटा और मोबाइल नंबर जुटाते थे। इसके बाद कॉल सेंटर में कार्यरत युवतियां खुद को मैरिज काउंसलर बताकर उनसे संपर्क करती थीं।
जांच में सामने आया कि इंटरनेट से सामान्य युवतियों की तस्वीरें डाउनलोड कर AI टूल्स और फोटो एडिटिंग सॉफ्टवेयर की मदद से आकर्षक प्रोफाइल तैयार किए जाते थे। युवकों का विश्वास जीतने के लिए कॉल सेंटर में बैठी युवतियां ही अलग-अलग नामों से कथित लड़की बनकर बातचीत करती थीं।
ठगी को विश्वसनीय बनाने के लिए गिरोह ने ‘प्रैंक पेमेंट’ नामक एप डाउनलोड कर रखा था। इसके जरिए युवकों को फर्जी स्क्रीनशॉट भेजकर बताया जाता था कि लड़की पक्ष मैरिज ब्यूरो की फीस जमा कर चुका है। इसके बाद रजिस्ट्रेशन, प्रोफाइल एक्टिवेशन और मुलाकात कराने के नाम पर उनसे रकम वसूली जाती थी।


चार लाख रुपये की ठगी के बाद खुला मामलामामले का खुलासा तब हुआ जब कानपुर के एक युवक ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उससे शादी कराने के नाम पर चार लाख रुपये ठग लिए गए हैं। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और निगरानी के आधार पर तीन स्थानों पर एक साथ छापेमारी की।
छापे में बरामद हुए मोबाइल, कंप्यूटर और बैंक खाते
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान मुख्य सरगना को गिरफ्तार कर लिया। वहीं 23 युवतियों को हिरासत में लिया गया है। मामले में अमित, करम पटेल और जागृति नामक आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। छापेमारी में 43 कीपैड मोबाइल फोन, 13 एंड्रॉयड फोन, तीन कंप्यूटर, 11 बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद हुए हैं।
पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया कि गिरोह के बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन की जांच की जा रही है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए टीमों का गठन किया गया है।
सावधान रहने की अपीलपुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन मैट्रिमोनियल वेबसाइटों और सोशल मीडिया के माध्यम से मिलने वाले रिश्तों की पूरी जांच-पड़ताल करें। किसी भी व्यक्ति या संस्था को बिना सत्यापन के धनराशि न भेजें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल साइबर पुलिस को दें।