सीतापुर में साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, 11.95 करोड़ का लेन-देन उजागर

सीतापुर संदेश महल
साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए छह अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह MULE खातों के जरिए अवैध क्रिप्टो कारोबार और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन से कमीशन कमाता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने अब तक 11 करोड़ 95 लाख 40 हजार रुपये का लेन-देन किया है।पुलिस ने इनके कब्जे से 11 एटीएम कार्ड, 14 मोबाइल सिम, 7 मोबाइल फोन, 4 पासबुक, एक चेकबुक, आधार कार्ड, पैन कार्ड और एक लग्जरी कार बरामद की है।

कैसे हुआ खुलासा

पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल के निर्देश पर चलाए जा रहे साइबर अपराध विरोधी अभियान के तहत एएसपी आलोक सिंह और सीओ सिटी विनायक भोंसले के नेतृत्व में खैराबाद व एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई की।
छहों आरोपियों को पुरानी स्टेशन रोड, खैराबाद से गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है—

शुभम तिवारी रघुराज सिंह उर्फ चमन आशीष कुमार शुक्ला उर्फ अंशू मोहम्मद अरमान साबेज विनय कुमार

इंस्टाग्राम रील से शुरू हुआ साइबर फ्रॉड का सफर

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे इंस्टाग्राम पर घर बैठे पैसे कमाने की रील देखकर एक टेलीग्राम ग्रुप से जुड़े।वहीं से उन्हें फ्रॉड नेटवर्क से जुड़ी ट्रेनिंग मिली।गिरोह के सदस्य अलग-अलग शहरों में जाकर लोगों को इन्वेस्टमेंट ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर उनके—

बैंक अकाउंट एटीएम कार्ड पासबुक चेकबुक और मोबाइल सिम

हासिल कर लेते थे। इन खातों को बाद में UPI, CSC आईडी और डिजिटल माध्यम से साइबर ठगी में इस्तेमाल किया जाता था। खाता धारकों को इसके बदले 5–10% कमीशन दिया जाता था।

फर्जी खातों व CSC आईडी का बड़ा जाल
पुलिस जांच में अब तक—45 से अधिक बैंक खाते और 20 से अधिक CSC आईडी

साइबर ठगी में इस्तेमाल होने की पुष्टि हुई है। विभिन्न राज्यों से इन खातों के माध्यम से हुई ठगी की शिकायतें नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज मिली हैं। पुलिस ने संबंधित खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पुलिस टीम को पुरस्कार

एसपी ने सफल अनावरण पर कार्रवाई करने वाली टीम को 25 हजार रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।