सवारी के बजाय माल ढो रहे ई-रिक्शा नाबालिग चालकों से बढ़ी अव्यवस्था

रामनगर बाराबंकी संदेश महल
रामनगर क्षेत्र में इन दिनों सवारी ढोने के लिए पंजीकृत ई-रिक्शा धड़ल्ले से मालवाहक के रूप में चलते नजर आ रहे हैं। बाजारों और मुख्य मार्गों पर बड़ी संख्या में ई-रिक्शा दुकानदारों व अन्य लोगों का सामान ढोते दिखाई दे रहे हैं, जबकि नियमों के अनुसार इनका उपयोग केवल सवारी परिवहन के लिए ही किया जाना चाहिए।स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार विभाग के अधिकारी ऐसे वाहनों को देखते हुए भी अनदेखा कर रहे हैं। नतीजतन, नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं। स्थिति यह है कि कई ई-रिक्शा नाबालिग बच्चों द्वारा चलाए जा रहे हैं, जिनके पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस है और न ही वाहन से जुड़े आवश्यक कागजात।मुख्य चौराहों से लेकर गलियों तक ई-रिक्शा अव्यवस्थित ढंग से खड़े मिलते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा सवारी बैठाने को लेकर चालकों के बीच अक्सर कहासुनी और झगड़े की स्थिति भी बनती रहती है।
किराया वसूली में भी मनमानी सामने आ रही है। जहां तीन किलोमीटर की दूरी के लिए ₹10 तय माना जाता है, वहीं कस्बे के भीतर एक किलोमीटर की यात्रा के लिए ₹10 से ₹20 तक वसूले जा रहे हैं।क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, नाबालिगों द्वारा वाहन संचालन पर रोक लगे और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।