
मिश्रिख सीतापुर संदेश महल समाचार
जिस गौशाला में गौवंशों को सहारा और संरक्षण मिलना चाहिए, वहां अगर वे भूख, बीमारी और बदहाली के बीच दम तोड़ते नजर आएं तो सवाल उठना लाजिमी है।ग्राम पंचायत मिश्रिख देहात क्षेत्र के रौंदवा गांव में संचालित गौशाला में गौवंशों की कथित बदहाली को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।रौंदवा गौशाला की व्यवस्थाओं को लेकर अनूप कुमार, शैलेन्द्र कुमार, पंचम लाल, हरिश्चन्द्र, राजेश, राम सहारे और मुंशी लाल समेत अन्य ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गौशाला में गौवंशों की समुचित देखभाल नहीं हो रही है और चारे-पानी तथा उपचार की व्यवस्था पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला में पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण कई गौवंश भूख और बीमारी से तड़प रहे हैं, जबकि मृत गौवंशों के शवों के निस्तारण को लेकर भी गंभीर लापरवाही बरती जा रही है।

ग्रामीणों के मुताबिक मृत गौवंशों के अवशेषों को तिरपाल में लपेटकर सड़क किनारे जेसीबी से खोदे गए गड्ढों में डाल दिया जाता है। इससे आसपास के क्षेत्र और सड़क से गुजरने वाले राहगीरों को दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इससे संक्रमण और बीमारियां फैलने की आशंका भी जताई है।ग्रामीणों ने गौशाला संचालन व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि गौवंशों के लिए आने वाला दाना कथित रूप से निजी तौर पर पशुपालकों को बेच दिया जाता है। उनका यह भी आरोप है कि दाना बिक्री के दौरान सीसीटीवी कैमरों की दिशा दीवार की ओर कर दी जाती है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।मीडिया टीम के मौके पर पहुंचने पर ग्रामीणों ने गौशाला की स्थिति से अवगत कराया। मौके पर एक मृत गौवंश ट्रॉली में लदा हुआ दिखाई दिया, जबकि दो अन्य गौवंश मरणासन्न अवस्था में बताए गए। गौशाला परिसर में भूसा पर्याप्त मात्रा में दिखाई दिया, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि भूसा केवल दिखावे के लिए रखा गया है और गौवंशों को पर्याप्त मात्रा में चारा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा।गौशाला की स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल जांच कराने, मृत गौवंशों के उचित निस्तारण तथा जीवित गौवंशों के लिए पर्याप्त चारा, पानी और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है।