जौनपुर के श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए वरदान बनी योजना, वाराणसी के करसड़ा स्थित विद्यालय में निःशुल्क शिक्षा के साथ मिल रहीं आधुनिक सुविधाएं
जौनपुर उत्तर प्रदेश संदेश महल समाचार।
प्रदेश सरकार की अटल आवासीय विद्यालय योजना समाज के अंतिम पायदान पर खड़े परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों के साथ निराश्रित तथा कोविड काल में अनाथ हुए पात्र बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य के नए अवसर खुल रहे हैं।
जनपद जौनपुर के पात्र छात्र-छात्राओं को वाराणसी मंडल के अंतर्गत वाराणसी के करसड़ा (राजातालाब) स्थित अटल आवासीय विद्यालय में प्रवेश दिलाकर योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। यहां ग्रामीण और श्रमिक परिवारों से आने वाले बच्चों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं के साथ अनुशासित एवं सुरक्षित आवासीय वातावरण उपलब्ध कराया जाता है।
जाह्नवी की सफलता बनी प्रेरणा
अटल आवासीय विद्यालय योजना की उपयोगिता जौनपुर के ग्रामीण क्षेत्र की छात्रा जाह्नवी के उदाहरण से समझी जा सकती है। राजगीर मिस्त्री के परिवार से संबंध रखने वाली जाह्नवी के लिए बेहतर शिक्षा प्राप्त करना कभी बड़ी चुनौती थी। परिवार के सीमित संसाधनों के बावजूद उसने अपनी प्रतिभा के बल पर अटल आवासीय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा में सफलता प्राप्त की।
वर्तमान में जाह्नवी वाराणसी के करसड़ा स्थित विद्यालय में कक्षा 11 की छात्रा है। वह बेहतर शैक्षणिक वातावरण में पढ़ाई कर अपने भविष्य को संवारने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
जाह्नवी के अनुसार, यह योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। विद्यालय में आवास, पौष्टिक भोजन, गणवेश, पाठ्य-पुस्तकें, स्टेशनरी और स्वास्थ्य देखभाल जैसी आवश्यक सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। इससे बच्चों को आर्थिक परेशानियों की चिंता किए बिना पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलता है।
शिक्षा के साथ व्यक्तित्व विकास पर जोर
अटल आवासीय विद्यालय में विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि उनके सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। अनुशासन, संस्कार, खेलकूद और आत्मविश्वास बढ़ाने वाली गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जाता है।
विद्यालय में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के पाठ्यक्रम के अनुरूप शिक्षा प्रदान की जाती है। विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटर लैब, भौतिकी, रसायन विज्ञान एवं जीव विज्ञान की प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और डिजिटल स्मार्ट क्लासरूम जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन व्यवस्थाओं से ग्रामीण परिवेश के बच्चों को आधुनिक तकनीक से जुड़ने और अपनी शैक्षणिक क्षमता विकसित करने का अवसर मिल रहा है।
पात्र बच्चों तक योजना का लाभ पहुंचाने के प्रयास
जनपद जौनपुर में जिला प्रशासन और श्रम विभाग के समन्वय से योजना के प्रचार-प्रसार तथा पात्र बच्चों की पहचान के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत पात्र बच्चों तक जानकारी पहुंचाने के लिए विकासखंडों, तहसीलों और ग्राम पंचायतों में प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रवेश प्रक्रिया के अंतर्गत कक्षा 6 और कक्षा 9 में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं। संबंधित विभागों के माध्यम से पात्र परिवारों को आवेदन प्रक्रिया, परीक्षा पाठ्यक्रम और चयन संबंधी मानकों की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है, ताकि जरूरतमंद बच्चों को योजना का लाभ मिल सके।
आर्थिक अभावों से आगे बढ़ने का अवसर
अटल आवासीय विद्यालय योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ उनके आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का माध्यम बन रही है। निःशुल्क आवासीय सुविधाओं, आधुनिक शिक्षण व्यवस्था और व्यक्तित्व विकास के अवसरों के जरिए ये बच्चे अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
जाह्नवी जैसी छात्राओं की शैक्षणिक यात्रा इस बात का उदाहरण है कि उचित अवसर और बेहतर मार्गदर्शन मिलने पर ग्रामीण एवं श्रमिक परिवारों के बच्चे भी सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं।