अयोध्या संदेश महल समाचार
प्रदेश के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में अब बिना अनुमति बाहरी लोगों और सोशल मीडिया से जुड़े व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। स्कूल परिसरों में शिक्षकों और कर्मचारियों के वीडियो बनाने या सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के मामलों को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने सख्ती शुरू की है। अयोध्या के बेसिक शिक्षा अधिकारी लाल चंद्र ने इस संबंध में आदेश जारी कर बिना अनुमति फोटो और वीडियो बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।बीएसए के अनुसार, स्कूलों में निरीक्षण और निगरानी के लिए विभागीय अधिकारियों को पहले से नामित किया गया है। ये अधिकारी समय-समय पर विद्यालयों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेते हैं। विभाग का कहना है कि बाहरी लोगों के अनधिकृत प्रवेश और वीडियो बनाने से कई बार कक्षाओं में व्यवधान उत्पन्न होता है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है।
विभाग की ओर से छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और हितों का हवाला देते हुए कहा गया है कि किसी भी बाहरी व्यक्ति को विद्यालय परिसर में प्रवेश से पहले सक्षम अधिकारी या विद्यालय प्रशासन की अनुमति लेना जरूरी होगा। बिना अनुमति फोटो या वीडियो बनाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आगरा में भी करीब 2,400 सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं। 13 अगस्त को बीएसए राकेश सिंह ने आदेश जारी करते हुए कहा कि कुछ मामलों में बाहरी लोग बिना अनुमति स्कूल पहुंचकर सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाने लगे थे। इससे कक्षाओं में व्यवधान और शिक्षकों को परेशान करने की शिकायतें सामने आई थीं।
बलरामपुर में 17 अगस्त को बीएसए विकास चंद्र श्रीवास्तव ने आदेश जारी किया। वहीं बलिया में सरकारी और सहायता प्राप्त बेसिक शिक्षा स्कूलों में यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया चैनलों से जुड़े लोगों के बिना अनुमति प्रवेश पर रोक लगाई गई है। बलिया के बीएसए मनीष सिंह ने सात अगस्त को इस संबंध में निर्देश जारी किए थे।
स्कूलों की समस्याओं की जांच का अधिकार अधिकारियों को
बीएसए लाल चंद्र ने स्पष्ट किया कि स्कूलों की व्यवस्थाओं की जांच और कमियों को सामने लाने के लिए विभागीय स्तर पर अधिकारी पहले से नामित हैं। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों को दूर कराने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। विभाग का कहना है कि आदेश का उद्देश्य मीडिया या सोशल मीडिया पर पूरी तरह रोक लगाना नहीं, बल्कि विद्यालयों में प्रवेश और गतिविधियों को व्यवस्थित करना है।
‘स्कूल ठीक करो’ अभियान से भी जुड़ा मामला
इस बीच सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीप्ते की ओर से 15 अगस्त से ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का जायजा लेने की बात कही गई है। अभियान में स्कूलों की सुविधाओं से संबंधित जानकारी और फोटो साझा करने की प्रक्रिया भी बताई गई है।