गुरु की शिक्षा का प्रकाश व्यक्ति को भविष्य में स्वर्णिम बनाता है,सीओ अमर बहादुर सिंह

 

रिपोर्ट
हिमांशु यादव
मैनपुरी संदेश महल समाचार

भोगांव गुरु की शिक्षा का प्रकाश व्यक्ति के भविष्य को स्वर्णिम बनाता है। त्याग और बलिदान के प्रतीक सिख धर्म का इतिहास प्रेरणादायी है। गुरु नानक देव ने समाज को जोड़ने के लिए मानवता का संदेश दिया। वर्तमान में उनके आदर्शों की समाज को आवश्यकता है।
ये बात सीओ अमर बहादुर ने गुरुद्वारा सिह सभा कमेटी के संयोजन में शुक्रवार को गुरुनानक देव जयंती के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा में शबद कीर्तन कार्यक्रम के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि धर्म की रक्षा के लिए सिखों का बलिदान अतुलनीय है। पूर्व मंत्री आलोक शाक्य ने कहा कि सिख धर्म के गुरुओं ने त्याग के माध्यम से समाज को जोड़ने का काम किया। धर्म का अस्तित्व बचाने के लिए धर्म गुरुओं के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। कार्यक्रम में शाहजहांपुर के रागी जत्था ने कीर्तन दरबार सजाकर गुरुनानक देव के उपदेशों को लोगों को समझाया। शबद कीर्तन के बाद प्रसाद वितरण किया गया। गुरुग्रंथ साहिब का पाठ कर लंगर में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन समिति ने पूर्व मंत्री आलोक शाक्य, सीओ अमर बहादुर, इंस्पेक्टर पहुप सिंह को सरोपा भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान सरदार सोहन सिंह, सतनाम सिंह, हरवंशलाल अरोरा, नकुल सक्सेना,गिरजाशंकर वर्मा,सच्चिदांनद तिवारी,कृष्णदत्त दुबे, बंटी सलूजा, मनोज यादव,जोगेंद्र अरोरा,श्रीचंद्र वर्मा,राघवेंद्र चौहान,राजीव भटनागर,रवनीश दुबे,अजय यादव,मुकेश अग्निहोत्री,सुमित अरोरा,जीते सलूजा,दलजीत कौर,शालू सलूजा,नीलम सलूजा,मंजीत सिंह,कलक्टर सिंह राजपूत, डा. सुधीर जैन,दुर्गेश चतुर्वेदी, सत्यवीर चौहान, बबलू रायजादा आदि समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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