शिवम मिश्रा (संदेश महल) बाराबंकी। फतेहपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत नंदराशी में बड़ा फैसला लिया गया है यहां ग्राम प्रधान के वित्तीय अधिकार छीने जाने के बाद डीएम ने तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है।
बतादें कि नंदराशी निवासी शशि पुत्र शिवराज ने डीएम को शपथ पत्र देकर लाखों रुपए के गबन की शिकायत दर्ज कराई थी। उनके मुताबिक, ग्राम प्रधान रामनिवास ने सचिव बजरंगी प्रसाद से मिलीभगत कर फर्जी विकास कार्यों के नाम पर 4,78,343 रुपए अपने ही बेटे के खाते में ट्रांसफर करवा लिए। डीएम ने तुरंत संज्ञान लिया। 17 अगस्त 2024 को जिला उद्यान अधिकारी और पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता से इस मामले की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट सामने आते ही, 19 दिसंबर को डीएम ने ग्राम प्रधान को 15 दिन में जवाब देने का आदेश दिया। लेकिन क्या हुआ। कोई जवाब नहीं दिया गया। फिर 17 जनवरी को डीपीआरओ ने एक और पत्र जारी किया, लेकिन प्रधान फिर भी चुप्पी साधे बैठे रहे। आखिरकार, इतनी बड़ी वित्तीय अनियमितता पर पंचायत राज अधिनियम की धाराओं के तहत, 7 मार्च 2025 को ग्राम प्रधान रामनिवास के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार छीन लिए गए। अब सवाल था— गांव में विकास कार्य कैसे होंगे। तो 19 मार्च को जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया। इस समिति में हरिनाम पुत्र छेदा को अध्यक्ष, सुमन देवी पत्नी बराती लाल और सुशीला पत्नी विशेषर को सदस्य मनोनीत किया गया है। और अब, एडीओ पंचायत की देख-रेख में सभी विकास कार्य संपन्न कराए जाएंगे। क्या इससे ग्राम पंचायत में पारदर्शिता लौटेगी। आगे क्या होगा, सबकी नजरें टिकी हुई हैं।